पंजाब सरकार की टालमटोल की नीति से नाराज पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार को जमकर फटकार लगाई। जेलों में जैमर लगवाने संबंधी याचिका के 11 साल से लंबित होने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई कदम न उठाए जाने पर कहा कि इतने लंबे समय से कोर्ट आदेश देता आ रहा है लेकिन कुछ नहीं हुआ, सरकार अदालत को शर्मिंदा कर रही है।
पंजाब की जेलों में जैमर लगाने को लेकर गुरुवार को सुनवाई आरंभ हुई तो पंजाब सरकार से हाईकोर्ट ने जवाब मांगा। कोर्ट को बताया गया कि जैमर लगाने के लिए वित्त विभाग को बजट की मंजूरी के लिए लिखा गया है। कोर्ट ने इस पर पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि एक दशक से ज्यादा का समय हो गया है।
दुनिया टाइप राइटर से ई-मेल तक पहुंच गई है और आप अभी तक केवल कम्युनिकेशन में लगे हैं। इस तरह तो 2050 तक 4 जी जैमर का सर्वे ही चलता रहेगा और तब तक नई तकनीक मौजूद होगी। हाईकोर्ट ने सरकारी वकील को फटकार लगाते हुए पंजाब के एडवोकेट जनरल को बुला लिया। एजी पेश हुए तो कोर्ट ने कहा कि अगर पंजाब सरकार के बस का नहीं है तो बता दो, हम आदेश जारी कर देंगे।
कोर्ट का समय बर्बाद किया जा रहा, तारीखवार मांगा ब्योरा
हाईकोर्ट ने कहा कि कोर्ट को पीड़ित बनाना बंद किया जाना चाहिए, इतने साल से यह याचिका लंबित है और कोर्ट का समय बर्बाद किया जा रहा है। कोर्ट लंबे समय से आदेश दे रहा है लेकिन कुछ नहीं हो रहा। कोर्ट ने कहा कि बजट को मंजूरी देना तो सरकार के हाथ में है फिर इसमें देरी क्यों की जा रही है। एजी ने हाईकोर्ट से एक मौका देने की अपील की। इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब के एजी को मौका देते हुए अगली सुनवाई पर तारीख वार ब्योरा सौंपने का आदेश दिया है कि कब तक पंजाब की सभी जेलें अत्याधुनिक जैमर से लैस हो जाएंगी।