चंडीगढ़ के सेक्टर-9/10 में बीएमडब्ल्यू कार रेसिंग हादसे में जान गंवाने वाले कांस्टेबल आनंद देव की मौत के मामले में रिटायर्ड कर्नल के आरोपी बेटे को बड़ी राहत मिली है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम आदेश जारी करते हुए बीएमडब्ल्यू एक्सीडेंट केस के आरोपी 24 वर्षीय ईशान शंकर राय को अंतरिम जमानत दे दी है। आरोपी ईशान ने वायुसेना चयन बोर्ड परीक्षा में भाग लेने के लिए जमानत मांगी थी। जस्टिस मनीषा बत्रा ने कहा कि याची का करियर भविष्य में प्रभावित न हो, इसलिए न्याय के हित में अंतरिम राहत दी जानी चाहिए।
ईशान शंकर राय के खिलाफ चंडीगढ़ के सेक्टर 3 थाने में 12 मई 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद उन्होंने नियमित ज़मानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसकी अगली सुनवाई 7 जून 2025 को तय है।
ईशान की ओर से अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता ने हाल ही में एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट उत्तीर्ण किया है। 2 जून 2025 से 6 दिनों तक मैसूर में चलने वाली वायुसेना चयन बोर्ड परीक्षा परीक्षा में उन्हें शामिल होना है। इससे पहले ईशान को यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसके पश्चात उन्होंने 27 मई 2025 को आत्मसमर्पण कर दिया था।
वहीं अभियोजक मनीष बंसल ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अंतरिम जमानत नहीं दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता 24 साल का युवा है और वह एयरफोर्स की प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल होने जा रहा है, जिसमें उसे प्रतिदिन के आधार पर परीक्षण देना होगा।
याची ने अदालत को यह भी आश्वासन दिया कि यदि किसी भी दिन वह परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाते, तो अगले ही दिन वह स्वेच्छा से जेल में आत्मसमर्पण कर देंगे। उनके माता-पिता में से किसी एक को यह लिखित आश्वासन देना होगा कि यदि वह परीक्षा में सफल नहीं होते, तो वह तय अवधि के भीतर आत्मसमर्पण करेंगे। यदि वे सभी परीक्षाएं उत्तीर्ण कर लेते हैं, तो उन्हें 8 जून 2025 को शाम 5 बजे तक जेल में आत्मसमर्पण करना होगा।
यह था पूरा मामला
11 मई को शाम करीब पौने सात बजे सेक्टर-9 और 10 की विडिवाइडिंग सड़क पर साइकिल सवार को तेज रफ्तार बीएमडब्ल्यू कार ने टक्कर मार दी थी। हादसा इतना गंभीर था कि साइकिल सवार चंडीगढ़ पुलिस कांस्टेबल आनंद देव की मौके पर मौत हो गई थी। ईशान को गिरफ्तार कर बुडैल जेल भेज दिया गया था और तब से वह वहीं है। बुधवार को निचली अदालत ने डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।