मोगा-कोटकपूरा मार्ग स्थित गांव सिंघावाला में पंजाब राज्य ट्रांसमिशन निगम के 220 केवीए ग्रिड सब स्टेशन को दोपहर तकरीबन ढाई बजे अचानक आग लग गई।
ग्रिड के एक बड़े ट्रांसफ़र्मर के इलावा पूरा कंट्रोल रूम जल कर राख हो गया। आग बुझाने के लिए मोगा के इलावा ओर शहरों से फायर ब्रिगेड गाड़ियां मंगवाई गई और तकरीबन दो घंटे बाद में आग पर काबू पाया गया। ट्रांसको आधिकारियों की तरफ से करोड़ों रुपये के नुक्सान का खदसा जाहिर किया गया है।
पंजाब राज्य ट्रांसमिशन निगम अधीन चलते इस 220 केवीए ग्रिड सब स्टेशन को आग लगने की घटना से इस ग्रिड से मोगा शहर और कई गांवों के इलावा फिरोजपुर, मुक्तसर, बाजाखाना (फरीदकोट)जिलों को मिलने वाली बिजली ठप हो गई। इस ग्रिड के इंचार्ज एडिशनल निगरान इंजीनियर दर्शन सिंह ने बताया कि ग्रिड का पूरा कंट्रोल रूम जल गया है और अब जो मोगा समेत दूसरे जिलों के क्षेत्र को मिलती स्पलाई कम से कम 15 दिन प्रभावित रहेगी। उन्होनें बताया कि आग लगने का कारण शाट सर्कट बताया जा रहा है।
उन्होनें कहा कि नुक्सान का कोई अंदाजा नहीं लेकिन यह नुक्सान करोड़ों रुपये में हो सकता है। उन्होनें कहा कि कंट्रोल रूम की सभी केबलों सड़ने से भारी मुश्किल आ गई है।
इस मौके मौजूद क्षेत्रीय थाना चड़िक के एस.एच.ओ जगदीश लाल को कंपनी के आधिकारियों ने बताया कि कंट्रोल रूम में सपारकिंग होने बाद में ट्रांसफर्मर से धमाका निकलने बाद से देखते ही आग की लपटों निकलने लग पड़ीं और हफड़ा दफडी मच गई।
ड्यूटी पर तैनात मुलाजिमों ने मोगा फायर ब्रिगेड को सूचना दी तो उन्होनें सूझ समझ से आग पर काबू डालने में सफलता हासिल की बढ़ती आग देख कर दूसरे शहरों की फायर ब्रिगेड गाड़ियां को भी बुला लिया गया।
इस घटना की सूचना मिलते ही पंजाब राज्य पावर कारपोरेशन(पावरकौम)फरीदकोट सर्कल के सुपरडिंट इंजीनियर (एस.ई)महिंदर सिंह बराड़, बाघापुराना के अएडिशनल निगरान इंजीनियर कुलवंत सिंह धंमू, कार्यकारी मैजिस्टरेट (तहसीलदार) लखीवीर सिंह गिल, डीएसपी सिटी जसपाल सिंह ढिल्लों के इलावा पावरकौम और ट्रांसको कंपनियों के सीनियर अधिकारी मौजूद थे।