राजेश के संपर्क में आने के बाद उसके पति ने उसे छोड़ दिया। इसके बाद वह राजेश के ही बावड़ी गेट स्थित गोदाम में रहने लगी। यहां उसने एक बेटी को जन्म दिया। बताया जाता है कि दूसरी बेटी राजेश की है। महिला ने बेटी का आधार कार्ड बनवाने के लिए कहा तो दोनों में विवाद हो गया। राजेश पहले से ही शादीशुदा था।
इसी कारण उसने अपने दोनों साथियों मक्खन और पूनम फौजी के साथ मिलकर महिला और उसकी बच्चियों की हत्या कर दी। दोनों आरोपियों के बताए अनुसार पुलिस ने गोदाम में खुदाई भी करवाई लेकिन मृतकों के सिर नहीं मिले। मृतकों के सिर नहीं मिलने पर उनकी पहचान पुख्ता करने के लिए महिला का डीएनए टेस्ट कराया गया, जिससे साफ हुआ कि महिला असम के ही एक परिवार की सदस्य थी। अब पुलिस राजेश का भी डीएनए करवाएगी।
यूं पकड़ में आया राजेश
पुलिस को सूचना मिली कि राजेश अपने साथियों से मिलने बावड़ी गेट स्थित गोदाम में मिलने आ रहा है। इसके बाद पुलिस ने आसपास के अलावा रोहतक रोड पर डेरा डाला। राजेश निनान के गांव निर्माणाधीन बाईपास पर एक सवारी वाहन से उतरा और पैदल चलने लगा। यहीं से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि अब तक उसने भिवानी में संपर्क नहीं किया। जिस कारण वह बचा रहा।
आइडेंटिफाइड क्राइम योजना में भी शामिल किया मामला
एसपी गंगाराम पुनिया ने बताया कि ट्रिपल मर्डर केस में राजेश को आइडेंटिफाइड क्राइम में भी शामिल किया गया है। इसमें जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, जिला न्यायवादी व जेल सुपरिंटेंडेंट सदस्य के तौर पर काम करते हैं।
इन सदस्यों द्वारा यह सुनिश्चित किया जाता है कि ट्रायल के दौरान अनुसंधान में जुटाए गए ठोस तथ्य वैज्ञानिक पहलुओं पर आधारित हों और अनुसंधान के दौरान उसे मजबूती से रखा जा सके, ताकि आरोपी को न्यायालय में कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।
राजेश हत्याकांड में मुख्य आरोपी था। पुलिस महानिदेशक ने दो लाख रुपये इनाम रखा था। राजेश से पूछताछ की जा रही है। इनाम सूचना देने वाले को दिया जाएगा। - गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक