हरियाणा कैडर के आईएएस एसएन रॉय के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत के बावजूद एफआईआर क्यों नहीं दर्ज हुई, पुलिस ने कोर्ट में खुलासा किया।
जिला अदालत में दायर आपराधिक शिकायत में सोमवार को पुलिस की ओर से एसपी उर्विजा गोयल (एसआईटी हेड) ने ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में जवाब दायर किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि पीड़िता की शिकायत में तथ्यों की कमी है।
इसलिए अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। एसपी ने कोर्ट को बताया कि फिलहाल जांच की जा रही है। इसके अलावा पंचकूला निवासी पीड़िता की मां और उसके बेटे के स्कूल के कर्मी के भी बयान दर्ज हुए। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को होगी।
आईएएस के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत थी
ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट प्रदीप सिंघाल की कोर्ट में दिए बयान में एसपी (हेडक्वार्टर) उर्विजा गोयल ने बताया कि पंचकूला निवासी 33 वर्षीय महिला ने आईजी को हरियाणा के आईएएस एसएन रॉय के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत दी थी। इसके बाद उनके आदेश पर एक एसआईटी गठित की गई। इसका नेतृत्व वह कर रही हैं।
उन्हें पीड़िता की ओर से मिली शिकायत में एफआईआर दर्ज करने लायक तथ्य नहीं मिले। पीड़िता को जांच ज्वाइन करने के लिए नोटिस भेजे। लेकिन शिकायतकर्ता जांच में शामिल नहीं हुई। इस कारण अभी तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है।
शिकायतकर्ता के वकील एएस चहल ने कहा कि हम पहले ही जांच में शामिल होने के लिए मना कर चुके हैं। उनके अनुसार केस की जांच के लिए गठित एसआईटी एफआईआर में विलंब डालने के लिए बनाई है। यह जांच केवल दिखावा है। जैसे ही पुलिस एफआईआर दर्ज कर लेगी हम जांच में शामिल हो जाएंगे।
महिला की मां ने कहा था, शादी का झांसा देकर बनाए संबंध
चहल के अनुसार कोर्ट में सोमवार को शिकायतकर्ता की मां और एक अन्य की गवाही हुई। शिकायतकर्ता की मां ने कोर्ट को बताया कि जब उसकी बेटी सोनीपत में थी और पति से अनबन होने पर कैसे एसएन रॉय के कहने पर ही बेटी के पति के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
मां ने बयान में कहा कि रॉय ने उसकी बेटी को पति से विवाद सुलझने के बाद शादी का वादा किया था। इस दौरान इनके संबंध भी बने। चहल के मुताबिक मां ने दर्ज बयान में बताया कि विवाद सुलझने के बाद जब उसकी बेटी ने शादी करने को कहा तो रॉय ने टाल-मटोल करना शुरू कर दिया।
बाद में बेटी को ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज कराने की धमकी दी। वहीं तीसरे गवाह के तौर पर सेंट कबीर स्कूल के कर्मचारी के बयान हुए। इस स्कूल में शिकायतकर्ता का बेटा पढ़ता है। उसने स्कूल में दर्ज उसके एडमिशन का रिकॉर्ड पेश किया।
कोर्ट ने खारिज की थी शिकायत
इससे पहले कोर्ट शिकायतकर्ता की ओर से सीआरपीसी के तहत दायर उस अर्जी को खारिज कर चुकी है, जिसमें उसने पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश देने की कोर्ट से मांग की थी। इसके बाद पीड़िता ने एसएन रॉय के खिलाफ दुष्कर्म, अपहरण, धमकाने और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं के तहत शिकायत दायर की थी।
पहले हुए थे तीन गवाह
इससे पहले मामले में तीन लोगों के बयान दर्ज हुए थे। इनमें एक पब्लिक स्कूल का अकाउंटेट, चुनाव आयोग का कर्मचारी और जीरकपुर स्थित एक रेजिडेंशियल सोसाइटी का गेटकीपर शामिल था।
यह है मामला
पंचकूला निवासी महिला ने 1987 बैच के हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एसएन रॉय पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। महिला ने कहा था कि वह सोनीपत निवासी सुरेंद्र पंवार के जरिए 2008 में रॉय से मिली थी। उस समय उसका पति से तलाक का केस चल रहा था। रॉय ने उसकी इस केस में मदद की थी।
राय ने उन्हें कहा था कि वह तलाकशुदा है। इसलिए उससे शादी करने में कोई परेशानी नहीं होगी। पीड़िता का यह भी आरोप था कि उसका दो बार गर्भपात भी कराया गया था। पीड़िता के मुताबिक रॉय बाद में शादी से मुकर गया और उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी थी।