अपनी मां शिंदरो के साथ इराक से लौटा हरजीत मसीह।
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इराक से अपनी जान बचाकर वापस भारत लौटने वाला हरजीत मसीह अब औरों को मौत के मुंह में धकेलने लगा है। आरोप है कि उसने नौ युवकों से पैसे लेकर दुबई भेजने का वादा किया लेकिन दुबई के बजाय इराक भेज दिया।
अब ये सभी युवक इराक में लापता हैं। इन युवकों में एक की बहन ने फतेहगढ़ चूड़ियां थाने में मसीह और उसके साथी के खिलाफ धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने मसीह को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसका साथी फरार है।
गांव काला अफगाना निवासी हरजीत मसीह वही शख्स है जिसने पिछले साल इराक में आईएस के हमले में 39 भारतीयों के अपनी आंखों के सामने मारे जाने का दावा किया था। हरजीत करीब एक साल पहले इराक से बच कर वापस भारत आया था। तब उसने बताया था कि आईएस आतंकियों ने 39 भारतीयों को मौत के घाट उतार दिया है।
थाना फतेहगढ़ चूड़ियां के एसएचओ सुखइंदर सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता गुरपिंदर कौर निवासी दसूहा ने आरोप लगाया है कि हरजीत मसीह और उसके साथी राजबीर ने उसके भाई मनजिंदर सिंह और अन्य 8 युवकों से पैसे लेकर दुबई भेजने का वादा किया था।
आरोपी ने उसके भाई समेत अन्य लोगों को दुबई के बजाय इराक भेज दिया। तब से उन युवकों से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बुधवार को काला अफगाना से हरजीत मसीह को गिरफ्तार कर लिया।