सीबीआई कोर्ट ने एक गार्ड को गैर इरादतन हत्या के लिए दोषी करार दिया है और सजा 22 मार्च को सुनाई जाएगी।
यह वारदात 28 जनवरी 2012 को गुड़गांव में हुई थी। एक गार्ड ने कंपनी के गोदाम में घुस रहे संदिग्धों पर गोलियां चलाई थी, जिसमें एक ही मौत हो गई थी।
सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक, लीलाधर नाम का गार्ड गुड़गांव में दो कंपनियों के गोदाम की सुरक्षा का प्रभारी था। 28-29 जून 2012 की रात को उसने अपनी गन से फायर किए थे और गोली लगने से अली नाम के युवक की मौत हो गई थी। सीबीआई ने गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था।
लीलाधर के पक्ष की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि चार-पांच युवक वारदात के मकसद से गोदाम में घुस रहे थे। सुरक्षा के लिहाज से गोली चलाई गई थी।
वहीं, सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि युवकों की तरफ से पहले कोई हमला नहीं किया गया था। गोली लीलाधर ने पहले चलाई। इसके चलते कोर्ट में लीलाधर को गैर इरादतन हत्या में दोषी पाया गया।