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घोटाले के आरोपी कान्फेड के जीएम ने की खुदकुशी

Mon, 11 Nov 2013 11:24 AM IST
अमर उजाला, पंचकूला
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बराड़ा में 16  हजार 662 गेहूं की बोरियों के गोलमाल के आरोप में फंसे कान्फेड के जीएम ने रविवार देर शाम फंदा लगाकर जान दे दी।
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यह घोटाला करीब डेढ़ करोड़ रुपये का है और पिछले दिनों ही जीएम समेत तीन अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था।
पुलिस ने मृतक के कपड़ों से दो सुसाइड नोट बरामद किए हैं, जिसमें कान्फेड के एक अफसर समेत करीब आठ कर्मचारियों पर प्रताड़ना के आरोप हैं। फिलहाल, सेक्टर-20 थाना पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक, कान्फेड के जीएम विनोद कुमार (55) सेक्टर-20 पंचकूला स्थित ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी नंबर 71 में रहते थे। पुलिस को सूचना मिली कि विनोद कुमार ने पंखे से फंदा लगा लिया, लेकिन जब तक पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर विनोद को फंदे से नीचे उतारते, उनकी मौत हो चुकी थी।
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उनके कपड़ों से दो सोसाइड नोट मिले। दोनों सोसाइड नोट को कब्जे में लेने के बाद शव को सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल की मॉर्चरी में रखवाया गया।

पहला सोसाइड नोट
जो सुसाइड नोट जेब में से मिला, उसमें लिखा था- ‘मेरे खिलाफ मामला दर्ज हो गया है, जिसके चलते मुझे जेेल भी जाना पड़ सकता है। मुझे पता है कि इस प्रक्रिया को मेरा परिवार झेल नहीं पाएगा। काफी कानूनी प्रक्रियाएं होती हैं। परिवार को किसी परेशानी में नहीं डालना चाहता’।

दूसरा सोसाइड नोट
जो दूसरा सुसाइड नोट मिला, उनकी कुछ लाइनें इस तरह थीं- ‘कान्फेड में तैनात अकाउंटेंट जसबीर सिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने मुझे प्रताड़ित किया। मुझे ताने दिए गए। इस कदर प्रताड़ित किया गया कि सहन नहीं हो पा रहा। किसी की गलती की सजा किसी को नहीं दी जा सकती’।

इन पर हुआ केस
एनआर सैनी, जीएम सेल्स (इन्होंने घोटाले की जांच भी की थी)
शेर सिंह
बी. सैनी
सुदेश कुमार
जसबीर सिंह
अन्य तीन व्यक्ति

यह है मामला
बराड़ा की अनाज मंडी में अप्रैल और मई के बीच गेहूं खरीद घोटाला हुआ था। शिकायत मुख्यमंत्री को गई थी और उस पर अंबाला पुलिस ने जांच की।

जांच में सामने आया कि गेहूं की 16 हजार 622 बोरियों को फर्जी तरीके से खरीदा हुआ दिखाया गया। उस वक्त विनोद कुमार के पास अंबाला के डिस्ट्रिक मैनेजर का चार्ज था।
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कागजों में दिखाया गया कि आढ़ती मोहनलाल से गेहूं खरीदा गया, जबकि असल में ऐसा नहीं हुआ था।

वहीं, इस मामले में सेल्समैन समयराज पर भी आरोप लगे कि उसने मध्यस्थता करने की भूमिका निभाई। लंबी जांच के बाद पिछले दिनों बराड़ा थाने में तीनों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ।

बता दें कि सेल्समैन समयराज की कुछ दिन पहले ही संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी है।  



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