पटियाला में सरहंदी गेट नजदीक माता गुजरी चैरिटेबल सोसाइटी के छात्रावास में पुलिस ने वीरवार रात भारी फोर्स के साथ रेड डाली। पुलिस को सूचना मिली थी कि छात्रावास में बिना किसी प्रूफ के गैरकानूनी ढंग से लड़कियां रखी गई हैं। रेड के दौरान पुलिस ने छात्रावास के एक-एक कमरे में चेकिंग की। पुलिस के साथ चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी की भी महिला नुमाइंदे थीं।
संबंधित चार नंबर डिवीजन थाने के इंचार्ज हरविंदर सिंह ने बताया कि चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी को शक है कि सरहंदी गेट के नजदीक माता गुजरी चैरिटेबल सोसाइटी के छात्रावास में बिना किसी कागजात व प्रूफ के गैरकानूनी ढंग से लड़कियां रखी हुई हैं। इजसके आधार पर भारी पुलिस फोर्स की मदद से छात्रावास में रेड डाली गई। सोसाइटी के डोनरों व मेंबरों ने शुक्रवार तक का समय लिया है, कि वह छात्रावास में रखीं सभी लड़कियों का रिकार्ड पेश कर देंगे। इसके बाद ही पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
उधर भाजपा लीडर एवं सोसाइटी के डोनर अनिल बजाज ने कहा कि पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर जिस तरह से भारी पुलिस फोर्स के साथ अचानक से छात्रावास में रेड की, वह गलत था। उनके पास कोई सर्च वारंट भी नहीं था।
लड़कियों को पूरे प्रूफ के साथ छात्रावास में रखा गया है। पुलिस ने उनसे रिकार्ड मांगा नहीं और छात्रावास की तलाशी शुरू कर दी। मामले में जो भी दोषी पुलिस अधिकारी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाती है। छात्रावास में आसाम से लेकर यूपी, दिल्ली व अन्य कईं राज्यों की करीब 33 लड़कियां फिलहाल रह रही हैं। जिनकी उम्र पांच से 17 साल के बीच है।
छात्रावास से पांच लड़कियां साथ ले गई पुलिस
पुलिस रेड के दौरान माता गुजरी चैरिटेबल सोसाइटी के छात्रावास से पांच बच्चियां अपने साथ ले गई। सूत्रों के मुताबिक यह सभी लड़कियां आसाम की पांच से आठ साल की हैं। इन्हें कुछ दिन पहले ही सोसाइटी के सदस्य दिल्ली से लाए थे। इन सभी लड़कियों को बिना किसी प्रूफ के गैरकानूनी ढंग से हास्टल में बंद रखा गया था। मौके पर मौजूद भाजपा लीडर अनिल बजाज ने खुद माना कि आसाम की इन लड़कियों की वेरिफिकेशन के लिए दिल्ली पुलिस से भी टीम आ चुकी है।
प्रशासन को नहीं लड़कियों को रखने की जानकारी
पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ भाजपा लीडरों ने मौके पर हल्ला मचा कर विरोध किया, लेकिन सवाल यह भी उठता है कि इन लड़कियों को छात्रावास में रखने संबंधी उन्होंने प्रशासन को सूचित क्यों नहीं किया था। बजाज ने कहा कि जब उनके पास सारे प्रूफ हैं, तो प्रशासन को सूचित करने का क्या मतलब है। अगर प्रूफ मांगे गए, तो वे दे देंगे।