एक युवती ने कॉलेज प्रशासन को फर्जी डिग्रियां दिखाई और नौकरी हासिल कर ली। मामला पंजाब के मोहाली का है। युवती ने यह कारनामा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी में नौकरी पाने के लिए किया।
इसकी पोल पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की वेरिफिकेशन शाखा में सर्टिफिकेट की वेरिफिकेशन से खुली है। इसके बाद बोर्ड ने उक्त युवती को अपने रिकॉर्ड में ब्लैक लिस्ट कर दिया है। साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए यूनिवर्सिटी को रिपोर्ट बनाकर भेज दी है।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस से तलविंदर कौर नाम की युवती का सर्टिफिकेट पुलिस वेरिफिकेशन के लिए आया था। यह सर्टिफिकेट 12वीं कक्षा का था, जिस पर फरवरी 2009 व जालंधर लिखा था। बोर्ड में जब दस्तावेजों का मिलान किया गया, तो उससे उनका मिलान नहीं हो पाया। न ही रिकॉर्ड में उस संबंधी कोई नाम था।
इसके बाद बोर्ड ने उक्त सर्टिफिकेट को जाली घोषित कर दिया। वहीं, बोर्ड ने इस संबंध में अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। जिक्रयोग है कि बोर्ड में हर माह विभिन्न सरकारी महकमों, संस्थाओं, फर्म, कंपनी व सुरक्षा एजेंसियों में नौकरी ज्वाइन करने वालों के सर्र्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आते हैं।
निजी तौर पर कोई भी विद्यार्थी सर्टिफिकेट की पड़ताल नहीं करवा सकता है। बोर्ड द्वारा सर्टिफिकेट की वेरिफिकेशन के लिए 600 रुपये लिए जाते हैं।
फर्जी सर्टिफिकेट बनाने में लड़कियां भी आगे
फर्जी सर्टिफिकेट से सरकारी नौकरियां हासिल करने के मामले में अब लड़कियां भी आगे आ रही हैं। एक साल में करीब 40 से अधिक सर्टिफिकेट बोर्ड में जाली पकड़े गए हैं। इनमें भी अधिक लड़कियां ही थी।