एक लड़की ने अपने साथ हुई घटना से सबक लेते हुए हिम्मत दिखाई और वो कारनामा कर दिखाया कि हर किसी ने सराहना की। एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। मामला पंजाब के मोगा का है। गांव राउकेकलां में थाना बधनीकलां पुलिस की मिलीभगत से भोले-भाले लोगों को चिट्ठी भेजकर और पुलिस से मिलकर नशा तस्करी में लाखों रुपये की ठगी करने वाले तीन सदस्यीय गिरोह का एक युवती ने पर्दाफाश किया है। इस गरोह में एक सफेदपोश इस हलके से एक पूर्व विधायक का करीबी भी है। इस कार्रवाई के लिए युवती की सराहना हो रही है।
वहीं सामाजिक बदनामी डर से चुप पीड़ितों ने एसएसपी को इन बदमाशों के बारे में जानकारी दी। यहां एसएसपी गुरप्रीत सिंह तूर ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है। मामले की पड़ताल डीएसपी (आई) हरिंदर सिंह डोड को सौंपी है। डीएसपी (आई) हरिंदर सिंह डोड ने कहा कि पीड़ितों के बयान दर्ज करने बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस गिरोह खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर गांव राउकेकलां के सरपंच स्वर्ण सिंह, गुरचरन सिंह पूर्व ब्लाक समिति मेंबर, सरबन सिंह ब्लाक समिति मेंबर, सुखवीर सिंह पूर्व सरपंच राउकेकलां, सुखदेव सिंह सरपंच गांव हिम्मतपुरा, गुरजंट सिंह यूथ कांग्रेस नेता के नेतृत्व में जिला पुलिस प्रमुख को मिले थे।
पुलिस मुताबिक एक 65 साल के बुजुर्ग ने एक भोले-भाले परिवार से ठगी करने के लिए एक महिला पंच के पति से साजिश तैयार कर चिट्ठी तैयार की। यह चिट्ठी डाक के जरिये महिला पंच के पति को भेजी गई। चिट्ठी में लिखा कि आपकी लड़की एक लड़के से 5 लाख रुपये खा गई है और शादी का इकरार किया था। अगर आप यह रकम नहीं देते हो तो इस बारे में इश्तिहार लगा दिए जाएंगे और लड़की को उठाकर ले जाएंगे। यह चिट्ठी लेकर महिला पंच का पति चिट्ठी लिखने वाले बुजुर्ग को साथ लेकर लड़की परिवार के पास गया और चिट्ठी दिखाकर 5 लाख की मांग करने लगा।
यह बात सुन परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। इस दौरान पोस्ट ग्रेजुएशन युवती भी सामने आ गई और उसने चिट्ठी कब्जे में लेकर के गिरोह के सदस्यों को ललकारा। उसने कहा कि मैं सफेदपोशों की सच्चाई सामने लाऊंगी। इसके बाद गिरोह के सदस्य युवती से चिट्ठी वापस मांगने लगे और पीड़ित परिवार को थाने साथ जाने के लिए दबाव डालने लगे। पीड़ित परिवार ने सारा मामला गांव के सरपंच और अन्य राजनीतिक नेताओं के ध्यान में लाया और जिला पुलिस प्रमुख को शिकायत की।
पीड़ित परिवार ने अपनी, जरूरतों के लिए अपनी जमीन बेची थी। इसी पैसे को हड़पने के लिए गिरोह ने लड़की को बदनाम कर ठगी करने की साजिश रची। इस गिरोह का मेंबर अब एक पूर्व विधायक को साथ लेकर कार्रवाई रुकवाने और एक पुलिस अफसर की बदली कराने के लिए जोर अजमाइश कर रहा है।
सामने आने लगे दूसरे पीड़ित लोग
इस युवती की दिलेरी के बाद ठगी के शिकार कुछ और भोले-भाले लोग जिन्होंने सामाजिक बदनामी के डर से पुलिस के पास रिपोर्ट नहीं लिखवाई। उन्होंने एसएसपी को शिकायत दी है कि इस गिरोह ने एक अन्य परिवार से 4 लाख रुपये ठगे हैं। अब मामला मीडिया में आने के बाद उसमें से सवा लाख रुपये की रकम वापस कर दी गई। जिस परिवार से ठगी की गई उनके घर शादी होने वाली थी। पहले उनके घर पुलिसकर्मी भेजकर कहा कि जिस लड़के की शादी है, वह नशा बेचता है।
इसके बाद गिरोह के मेंबर उनके घर पहुंच गए और मामला रफा दफा करने बदले 4 लाख रुपये ठग लिए। इस तरह अन्य लोगों से भी ब्लैकमेलिंग की घटनाएं हो चुकी हैं। लेकिन सामाजिक बदनामी के कारण कोई पुलिस के पास शिकायत नहीं कर रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार सीआईए स्टाफ पुलिस ने चिट्ठी लिखने वाले बुजुर्ग को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने अपना चिट्ठी लिखकर ब्लैकमेल करने का गुनाह कबूल लिया है। फिलहाल कार्रवाई जारी है।