लुधियाना में जली हुई हालत में बच्ची अस्पताल में भर्ती
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लुधियाना की शिमला कॉलोनी में संदिग्ध हालात में 10 साल की बच्ची झुलस गई। उसकी मां पर आग लगाने के आरोप लगे हैं। बच्ची को 30 से 35 फीसदी तक झुलसी हालत में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। आसपास के लोगों ने मां पर ही बच्ची को जलाने का आरोप गया है। पुलिस ने मां को हिरासत में ले कर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बच्ची के बयान दर्ज करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार मूल रूप से बिहार के समस्तिपुर इलाके के रहने वाला रविंदर काम के सिलसिले में कई साल से लुधियाना में रह रहा है। वह सिलाई का काम करता है। रविंदर ने कहा कि उसके तीन बेटे एवं एक बेटी है। बैसाखी के कारण रविंदर घर पर ही था। जब वह नहाने के लिए गया ही था, कि उसने संगीता की चीखें सुनी, भाग कर वह कमरे में आया तो देखा कि उसकी बच्ची जल रही थी। उसने तुंरत कंबल डाल कर उसकी आग बुझाई और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया।
उसने साफ कहा कि उसने अपनी पत्नी को आग लगाते हुए नही देखा है, बल्कि उसकी पत्नी का कहना था कि संगीता सटोव के ऊपर जा गिरी थी, जिस कारण उसे आग लगी। वहीं थाना पुलिस का कहना था कि मामले की जांच की जा रही है, आसपास के लोगों का जरूर कहना है कि संगीता की मां ने उसे आग लगाई है। लेकिन रविंदर की तरफ से पुलिस को कोई ऐसी शिकायत नही की गई है। बच्ची के मौसा संतोष का कहना है कि उनको जैसे ही सूचना मिली वे मौके पर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि स्टोव पर चाय बन रही थी, मां कमरे में ही कुछ और काम कर रही थी, बच्चे आपस में झगड़ रहे थे, तभी छोटे भाई ने संगीता को धक्का मारा और वह चाय पर गिर गई। इससे उसका मुंह जल गया और उसके बालों ने आग पकड़ ली। उसे तुरंत अस्पताल में लाया गया। संतोष ने दावा किया कि यही बयान बच्ची ने मेजिस्ट्रेट को भी दिए हैं। संतोष ने कहा कि सुबह आसपास के लोग मां पर आरोप लगा रहे थे। थाना प्रभारी दिलबाग सिंह का कहना है कि मामले की छानबीन और बच्ची के बयान दर्ज करने के बाद ही उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।