गैंगस्टर प्रभजिंदर सिंह डिंपी 7 जुलाई 2007 को अपने दोस्तों के साथ सुखना लेक क्लब में पार्टी मनाकर बाहर गाड़ी में बैठा था। इतने में मोटरसाइकिल सवार दो युवक आए और कार में बैठे डिंपी पर गोलियों की बौछार कर फरार हो गए।
डिंपी की महिला दोस्त उसे गंभीर हालत में सेक्टर-16 के जनरल अस्पताल लेकर आई जहां डॉक्टरों ने डिंपी को मृत घोषित कर दिया।
दो साल बाद 28 जुलाई 2008 को फाजिल्का निवासी जसविंदर सिंह रॉकी और उसके दोस्त फिरोजपुर निवासी अमनदीप सिंह टोरा को सेक्टर-11 में पुलिस ने दबोचा था।
पूछताछ में खुलासा हुआ था कि रॉकी ने ही डिंपी की हत्या की थी। पुलिस ने उसके पास से डिंपी की हत्या में इस्तेमाल प्वाइंट-45 बोर की आर्मी मेड पिस्टल भी बरामद हुई थी।
अगस्त 2012 को हत्या मामले में पेश न होने पर रॉकी को भगौड़ा घोषित कर दिया था।
इसके बाद भगौड़ा घोषित जसविंदर सिंह रॉकी को कुछ महीने पहले ही फाजिल्का पुलिस ने गिरफ्तार किया था। रॉकी पर पंजाब के अलग-अलग जिलों में भी हत्या, लूट और धमकाने के मामले दर्ज हैं।
फाजिल्का पुलिस ने सोमवार को जसविंदर सिंह रॉकी को चंडीगढ़ लेकर आई। सेक्टर-3 थाना पुलिस के एडीशनल एसएचओ बलबीर सिंह कांडा ने रॉकी की गिरफ्तारी की और उसे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शालिनी सिंह नागपाल की अदालत में पेश किया।
अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए अगली तारीख 18 जनवरी के लिए तय की है। अगली सुनवाई पर फाजिल्का निवासी रॉकी का वकील अपनी गवाही रखेगा। सुनवाई के बाद फाजिल्का पुलिस रॉकी को अपने साथ वापस ले गई।