डीजीपी के अनुसार सिग सुएर पिस्तौल वास्तव में यूएस सीक्रेट सर्विस के सदस्यों की ओर से यूएस (अमेरिका) के सर्वोच्च निर्वाचित नेताओं विशेष रूप से राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। डीजीपी ने कहा कि अब तक की जांच में बिल्ला मंडियाला से बरामद किए गए अधिकतर हथियार भी अलग-अलग खेप में भारत-पाक सीमा से लाए गए हैं।
पुलिस अवैध हथियारों की आपूर्ति श्रृंखला में आतंकवादियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। बिल्ला 18 हत्या, हत्या के प्रयास और हथियारों की तस्करी में वांछित था। इन सबका विशेष डॉक्टरों की टीम की ओर से कोरोना टेस्ट भी किया जा रहा है।
डीजीपी ने कहा कि एआईजी गुरमीत चौहान (ओसीसीयू) को विश्वसनीय इनपुट मिले थे कि गैंगस्टर बिल्ला मंडियाला अपने साथियों के साथ अवैध हथियारों की एक बड़ी खेप लेकर कपूरथला इलाके में शरण ले रहा था, जो विभिन्न प्रकार के आतंकी और आपराधिक वारदात के लिए इस्तेमाल किए जाने हैं।
एआईजी काउंटर इंटेलीजेंस जालंधर हरकमलप्रीत सिंह खख और एसएसपी कपूरथला सतिंदर सिंह के सहयोग से डीएसपी ओसीसीयू बिक्रम सिंह बराड़ को तुरंत मिशन पर भेजा गया। पुलिस टीमों ने सुल्तानपुर लोधी पुलिस स्टेशन के डडविंडी और मोठांवाला इलाके के आसपास घेराबंदी करके सभी को दबोच लिया।
इनके खिलाफ थाना सुल्तानपुर लोधी कपूरथला में धारा 384, 465, 467, 468, 471, 473, 489 आईपीसी, 13, 18 यूएपीए, 25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। सुल्तानपुर लोधी पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश करके आठ दिन का पुलिस रिमांड हासिल कर लिया है।
बिल्ला ने खुलासा किया है कि वह पाकिस्तान के हथियार व ड्रग तस्कर मिर्जा और अहमदीन के संपर्क में था। पहले भी उनके पास हथियारों और ड्रग्स की कई खेपें मिली थीं, जिनमें से ज्यादातर फिरोजपुर इलाके में थीं। मिर्जा कथित तौर पर पाकिस्तान और भारत में स्थित खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स के गुर्गों के लिए भारत-पाकिस्तान सीमा पर कूरियर के रूप में काम कर रहा था और उसने भारतीय सीमा में हथियारों की कई खेप सफलतापूर्वक पहुंचाई थी।
बिल्ला मंडियाला ने यह भी खुलासा किया कि वह गैंगस्टर गुरप्रीत सिंह सेखों के निकट संपर्क में था, जो पटियाला जेल में बंद है और जर्मनी व पाकिस्तान स्थित उग्रवादी संगठनों के संपर्क में होने का संदेह है। गुरप्रीत सेखों ए श्रेणी का गैंगस्टर है, जो पहले केएलएफ प्रमुख हरमिंदर सिंह मिंटू के संपर्क में था। मिंटू की कुछ साल पहले मृत्यु हो गई थी।