नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने राजीव कॉलोनी पंचकूला निवासी विनोद (24) और सूरज (22) उर्फ मोनू निवासी पंचकूला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 2.08-2.08 लाख रुपये आर्थिक जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने यह जुर्माना बतौर मुआवजा पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
8 अगस्त 2014 को नाबालिग की मां की शिकायत पर मनीमाजरा थाना पुलिस ने दोनों के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म की नीयत से अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत संबंधित केस दर्ज किया था। वारदात में शामिल दो नाबालिगों को पिछले महीने ही जुवेनाइल कोर्ट से 1 साल और 2 साल की सजा सुनाई गई थी।
मौली कॉम्प्लेक्स निवासी एक महिला ने थाना पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि उनकी 6 बेटियों में से सबसे छोटी 14 साल की बेटी घटना वाले दिन शाम को 4 बजे घर से अचानक लापता हो गई थी। उन्होंने उसे काफी तलाश किया, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी और साथ ही पड़ोस में रहने वाले एक नाबालिग पर शक जताया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो नाबालिग घटना के दो दिन बाद 10 अगस्त को मिल गई। पुलिस ने उसका स्थानीय सरकारी अस्पताल में मेडिकल कराया और ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष उसके बयान दर्ज कराए।
बेहोश कर दिया वारदात को अंजाम
आशियाना गैंगरेप
- फोटो : amar ujala
पीड़िता ने कोर्ट में दिए बयान में कहा कि घटना वाले दिन नाबालिग दोषी उसे राजीव कॉलोनी स्थित अपने एक दोस्त सूरज उर्फ मोनू के पास मिलाने ले गया। वहां नाबालिग ने उसे विनोद के घर में बिठाकर उसके लिए कुछ खाने को लेने चला गया। इसके बाद उन्होंने पीड़िता को कुछ खाने को दिया, जिससे वह बेहोश हो गई।
इसके बाद दो नाबालिगों, विनोद और सूरज ने उससे दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने शोर मचाया तो उन्होंने उसकी आवाज दबाने के लिए म्यूजिक सिस्टम चला दिया। अगली सुबह जब पीड़िता को होश आया तो उसने खुद को नग्न अवस्था में पाया। दोषियों ने दूसरे दिन भी उससे दुष्कर्म किया।
पीड़िता के मुताबिक, सूरज के पिता ने उसे आरोपियों के खिलाफ बयान न देने की धमकी तक दी थी। इसके बाद 10 अगस्त को पीड़िता अपने घर पहुंची थी। इससे पहले पुलिस को दिए बयानों में उसने अपने अपहरण व दुष्कर्म जैसे आरोपों से इंकार करते हुए कहा था कि वह अपनी मर्जी से घर से गई थी।