कॉल सेंटर कर्मचारी से हुए गैंगरेप को सुलझाना यूटी पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। विभाग ने लगभग हर थाने को इस केस में लगा दिया है। सभी थाना अधिकारियों को आरोपियों को तलाशने की जिम्मेदारी दी गई है।
हाल यह है कि किसी भी अधिकारी से बात करो वह कहता है कि वह इस केस में ही लगे हुए हैं। हालांकि, गैंगरेप के तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं।
वीरवार को एसपी नवदीप बराड़ (कार्यकारी एसएसपी) ने पुलिस हेडक्वार्टर में डीएसपी क्राइम पवन कुमार, डीएसपी ईस्ट सतीश कुमार, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के एसएचओ दविंदर सिंह, क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर गुरमुख सिंह और अमनजोत के साथ मीटिंग कर केस के बारे में जानकारी ली।
साथ ही आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। मामले को सुलझाने के लिए पुलिस विभाग ने चार टीमों का गठन किया है।
पुलिस विभाग ने झोकी ताकत, चार टीमें कर रहीं जांच
गैंगरेप
- फोटो : Demo Pic
चारों टीमें अपने अपने-अपने स्तर पर जांच कर रही हैं। वीरवार को थाना पुलिस ने कई ऑटो चालकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ऑटो चालक का स्केच तैयार कर हर थाने-चौकी में भेजा गया है। लड़की एक ही आरोपी का चेहरा बता पाई है। इस आधार पर स्केच तैयार किया गया है।
एसपी बराड़ ने बताया कि जैसा कि जांच में सामने आया है कि लड़की ने सेक्टर-34 से हरे रंग वाला सीएनजी ऑटो किराये पर लिया था। पुलिस ने पिछले एक हफ्ते के जिस पेट्रोल पंप से सीएनजी भरवाई जाती है वहां की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है। साथ ही पुलिस ने घटना वाले दिन उस एरिया का मोबाइल का डंप डाटा भी उठाया है।
पुलिस भी मान रही है कि इस तरह की घटना शहर में पहले कभी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि वह शहर में देर रात आफिस से निकलने वाली महिलाओं व लड़कियों के लिए जागरूकता अभियान चलाएगी।
फिलहाल, पुलिस का कहना है कि अभी पूरा ध्यान इस केस को सुलझाने में है। पहले ही घटना को तीन दिन बीत चुके हैं। केस अगर एक -दो दिन में नहीं सुलझा तो आरोपियों तक पहुंचना और भी मुश्किल हो जाएगा। पुलिस विभाग इस मामले में आरोपियों का सुराग देने वालों को 50 हजार रुपये का इनाम देने का एलान कर चुकी है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
ये है मामला
सोमवार रात सेक्टर-34 से काल सेंटर से ड्यूटी खत्म करके युवती ने हल्लोमाजरा जाने के लिए ऑटो पकड़ा था। ऑटो में पहले से एक युवक और मौजूद था। जैसे ही ऑटो सेक्टर-29 आयरन मार्केट के पास पहुंचा चालन ने ऑटो स्लिप रोड पर मोड़ दिया। इसके बाद उसने जंगल एरिया के पास रोक दिया।
वहां चाकू की नोक पर दोनों युवक पीड़िता को जंगल में ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद ऑटो चालक तो भाग गया, लेकिन दूसरा आरोपी उसके साथ कुछ दूर तक गया।
पीड़िता ने बताया कि उसने किसी को कुछ नहीं बताने की धमकी दी। युवती ने उस दिन पुलिस को शिकायत नहीं दी, लेकिन अगने दिन परिजनों के साथ इंडस्ट्रियल एरिया पहुंच कर मामले की शिकायत दी। पुलिस ने युवती के 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने बयान करवा कर एफआईआर दर्ज कर ली थी।