उक्त लोगों ने वादा किया था कि पहले वह उसके पति को मलेशिया ले जाएंगे। उसके बाद उसे अमेरिका भेज देंगे। इसके बाद पहले उन्होंने उक्त एजेंटों को दो लाख रुपये दे दिए। इसके बाद उसके पति का तीन महीने का मलेशिया का टूरिस्ट वीजा लगवा दिया। 30 मई 2015 को उसका पति बलविंदर सिंह मलेशिया पहुंच गया।
भारत से जो लोग मलेशिया जाते थे, उनको सौरव वोहरा मलेशिया में अपने कब्जे में रखता था। मलेशिया में उसका पति भी सौरव के कब्जे में था। मलेशिया पहुंचने के बाद उन्होंने आरोपियों को 5 लाख की राशि ओर दे दी। कुछ दिनों बाद ही सिमरनजीत कौर को मलेशिया से फोन आया कि उसका पति बलविंदर सिंह आरोपी सौरव के कब्जे में हैं और उसकी मारपीट की गई है। एजेंटों ने उनसे धोखाधड़ी की है।
पुलिस को दी शिकायत में सिमरनजीत कौर ने बताया था कि उसके पति बलविंदर सिंह को विदेश के सब्जबाग दिखाकर मलेशिया में उसके पति की हत्या कर दी गई है और उनसे 7 लाख रुपये की धोखाधड़ी भी की गई है।
एसएचओ ने आगे बताया कि जब मलेशिया से मृतक बलविंदर सिंह की पोस्टमार्टम की रिपोर्ट यहां पहुंची तो थाना सिविल लाइन बटाला में जुर्म में बढ़ोतरी करते हुए आरोपी सौरव और उसके दो अन्य साथियों के खिलाफ धारा 420 के साथ धारा 302 भी जोड़ दी थी। इसके अलावा 2016 में सौरव के खिलाफ 174 ए का मामला भी दर्ज किया गया था।