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जीरकपुरः विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 250 से ज्यादा युवाओं से ठगी, शोरूम पर मिला ताला

Fri, 03 May 2019 02:51 PM IST
खुशबू गोयल दीपक शाही, अमर उजाला, जीरकपुर
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फाइल फोटो
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विदेश भेजने के नाम पर पंजाब और हरियाणा के 250 से अधिक युवाओं से 70 से 80 लाख रुपयों की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि फेसबुक के जरिए फतेह इमिग्रेशन कंसलटेंट कंपनी ने उन्हें विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर झांसे में लिया और लाखों रुपये ठग लिए। वीरवार को वह कंपनी के शोरूप में अपना वीजा लेने के लिए पहुंचे तो यहां ताला लगा मिला।
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उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। जीरकपुर में इमिग्रेशन कंपनी की ओर से ठगी का यह पहला मामला नहीं है। पिछले छह माह में करीब 20 इमिग्रेशन कंपनियां सैकड़ों युवाओं को अपने झांसे में लेकर करोड़ों रुपये लेकर भाग गई हैं। पुलिस के पास पीड़ित शिकायत करते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती।

नतीजा विदेश भेजने का ‘धंधा’ जीरकपुर में ‘इंडस्ट्री’ का रूप धारण करता जा रहा है। बता दें कि जीरकपुर में सिर्फ दो इमिग्रेशन कंपनियां हैं, जिनके पास लाइसेंस हैं, बाकि करीब 78 कंपनियां फर्जी हैं, जो आइलेट्स के नाम पर इमिग्रेशन कंपनी चला रही हैं।
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कैसे झांसे में लिया, युवाओं ने साझा की आपबीती

केस नंबर एक: लुधियाना निवासी चंद्रपाल सिंह ने बताया कि फेसबुक पर एड देखकर वह फतेह इमिग्रेशन कंसलटेंट कंपनी के संपर्क में आया। बहरीन में बतौर ड्राइवर की नौकरी के लिए उसने कंपनी को वीजा के लिए 26 हजार रुपये दिए। कंपनी ने 40 हजार रुपये की डिमांड की थी। 5 बार वीजा के लिए चक्कर लगा चुका हूं। कंपनी के गेट पर ताला लगा है। पुलिस को मामले की शिकायत दे दी है।

केस नंबर दो: जालंधर निवासी रेशम लाल ने बताया कि कुवैत में इलेक्ट्रीशियन के लिए वीजा लगाने के लिए 17 जनवरी को फतेह इमिग्रेशन कंसलटेंट कंपनी ने मेरा साक्षात्कार लिया था। 25 जनवरी को कंपनी ने मेडिकल के लिए बुलाया और मेडिकल के नाम पर 4800 रुपये ले लिए। फिर 8 मार्च को वीजा अप्रूवल के नाम पर 20 हजार रुपये कंपनी के मुलाजिमों ने ले लिए और पासपोर्ट का पुलिस स्टेशन से पीसीसी करवा कर देने के लिए कहा। दस दिन बाद पीसीसी करवाकर कंपनी को दे दिया और दस दिन के बाद कंपनी ने वीजा के लिए बुलाया। अब 2 मई हो गई है, लेकिन वीजा नहीं मिला। जीरकपुर में दो मई को पहुंचा तो पता चला कि कंपनी मेरे जैसे करीब 250 लोगों का पैसा लेकर भाग गई है। पुलिस को शिकायत दे दी है।

केस नंबर तीन: पंचकूला सेक्टर-12 निवासी प्रदीप सिंह ने बताया कि बहरीन में बतौर ड्राइवर की नौकरी के लिए उन्होंने फतेह इमिग्रेशन कंसलटेंट कंपनी से संपर्क किाय। कंपनी ने वीजा के लिए 20 मार्च को 26 हजार रुपये लिए थे, मेडिकल के लिए 5 हजार रुपये लिए। पासपोर्ट भी कंपनी के पास हैं, लेकिन वीजा आजतक नहीं मिला। प्रदीप का कहना है कि कंपनी उसके जैसे सैकड़ों लोगों का पैसा लेकर भाग गई है।
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केस नंबर चार: आनंदपुर साहिब निवासी वीरेंद्र ने बताया कि कुवैत जाने के लिए फतेह इमिग्रेशन कंसलटेंट ने वीजा के लिए 45 हजार रुपये लिए थे, वीजा के लिए कंपनी के चक्कर लगाकर थक चुका हूं। जब मिलो तो दस दिन बाद बुलाते हैं। दो माह से चक्कर लगा रहा हूं। अब दस दिन बाद दो मई को पैसा वापस देने के लिए बुलाया था, यहां आया तो पता चला ऑफिस के बाहर ताला लगा था और मेरे जैसे करीब 250 लोग पैसे लेने के लिए ऑफिस के बाहर खड़े थे।

क्या कहना है पुलिस का
एएसआई विक्रम सिंह ने बताया कि फतेह इमिग्रेशन कंसलटेंट कंपनी के झांसे में आने वाले करीब दो दर्जन लोगों की शिकायत मिल चुकी है। पुलिस जांच के लिए कंपनी के शोरूम में गई थी, लेकिन पुलिस को वहां कुछ नहीं मिला। कंपनी ने किराए पर शोरूम लिया था, उसके लिए दिए गए रेंट एग्रीमेंट की जांच पुलिस कर रही है।

मोहाली के बाद जीरकपुर बना टारगेट
अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए युवा नौकरी के लिए विदेश जाना चाहते हैं, इसका सीधा फायदा फर्जी इमिग्रेशन कंपनियां उठाती हैं। ऐसे में रोजाना करीब दो से तीन लोग शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंच रहे हैं। पहले मोहाली में ऐसे ठगों की भरमार थी। अब जीरकपुर में आए दिन ऐसे ठगी के मामले सामने आ रहे हैं।

 
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