बैंक से साढ़े तीन करोड़ की धोखाधड़ी मामले में दिल्ली सीबीआई ने आकृति कंस्ट्रक्शन कंपनी, उसके संचालक तरसेम लाल, पंजाब एंड सिंध बैक के सीनियर मैनेजर इंद्रजीत सिंह और असिस्टेंट मैनेजर जीएस बत्रा के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की है।
सीबीआई ने सभी पर भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराएं लगाई हैं। चार्जशीट में सीबीआई ने कहा कि कंपनी के संचालक और बैंक अधिकारी ने मिलकर 35 करोड़ के लोन पर साढ़े तीन करोड़ की बैंक गारंटी फीस का घपला किया।
बैंक कर्मचारियों ने लोन जारी करते समय कोई मार्जिन या कमीशन भी नहीं लिया था और न ही बैंक गारंटी इंश्योरेंस की रिकार्ड में एंट्री भी नहीं की। सीबीआई जज विमल कुमार की अदालत ने चार्जशीट पर सुनवाई के लिए 29 जनवरी तय की है।
दिल्ली सीबीआई की बैंक सिक्योरिटी एंड फ्रॉड सेल को आकृति कंस्ट्रक्शन कंपनी और पंजाब एंड सिंध बैंक के अधिकारियों द्वारा घपला किए जाने की शिकायत मिली थी।
सीबीआई ने जांच में पाया कि आकृति कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक तरसेम लाल ने बद्दी में अस्पताल बनाने के लिए सेक्टर-22 और 47 की पंजाब एंड सिंध बैक की ब्रांच से 35 करोड़ रुपये का लोन लोन करवाया था।
सीबीआई ने पाया कि संचालक और बैंक अधिकारी ने मिलकर 35 करोड़ के लोन पर साढ़े तीन करोड़ की बैंक गारंटी फीस का घपला किया। सीबीआई ने 10 जून 2013 को सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
जांच अधिकारी राठी ने बताया कि उनके खिलाफ 28 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की अन्य जांच भी चल रही है। इसे लेकर इसी वर्ष 18 मई को चंडीगढ़ में रेड की थी।
तरसेम लाल ने बैंक की सेक्टर-47 स्थित इकाई से इन दो प्रबंधकों की मदद से बैंक के सस्पेंडेड अकाउंट से 28 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। बैंक ऑडिटर रकम को ऑडिट से पहले जमा करवा देने के चलते धोखाधड़ी नहीं जान पाए थे।
दोनों प्रबंधक करीब डेढ़ माह तक निलंबित रहे थे। यह फ्रॉड 2009 से 2013 के बीच हुआ था। तरसेम लाल और उनकी पत्नी का सेक्टर 46 इकाई में ज्वाइंट अकाउंट था
आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने किया है गिरफ्तार
आर्थिक अपराध शाख पुलिस ने तरसेम लाल और बेटा सुमित के खिलाफ सेक्टर-35 में दूसरे की कोठी को खुद की बताकर 70 लाख की ठगी करने का मामला दर्ज किया हुआ है। आर्थिक अपराध शाखा पुलिस ने 18 नवंबर को तरसेम लाल को सेक्टर 43 जिला अदालत से दबोच था।