नौकरी नहीं मिलने से एक युवक इतना परेशान था कि वह भटकते-भटकते तांत्रिक के पास जा पहुंचा।
तांत्रिक ने पूजा-पाठ करके उसे नौकरी लगवाने और घर के सभी कष्ट दूर करने का झांसा दिया। उसने इस तरह गुमराह किया कि युवक भी जाल में फंस गया और आखिरकार तांत्रिक पूजा-पाठ करने को लिए गए 11 तोले सोने के बदले स्टेपलर की पिन थमाकर फरार हो गया।
कालका पुलिस ने तांत्रिक और उसके चेले के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपी कालका से फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक, कालका के कुराड़ी मोहल्ला निवासी मनीष चावला ने कहीं तांत्रिक अब्दुल हाफिज का विज्ञापन देखा, जिसमें घर की सभी परेशानियां दूर करने, नौकरी दिलाने सहित कई लुभावने प्रचार किए गए थे।
मनीष 31 जनवरी को अपनी मां के साथ कालका बाजार में तांत्रिक के दफ्तर में जा पहुंचा। यह दफ्तर हाल में ही खुला था। यहां तांत्रिक का एक चेला छोटू भी काम करता था।
पहले दिन तांत्रिक ने कुछ पूजा बताई और 250 रुपये फीस ली। कुछ दिन बाद मनीष फिर अपनी मां के साथ गया तो तांत्रिक ने दोबारा 250 रुपये फीस ली। जब तीसरी बार मां-बेटा फिर गए तो तांत्रिक ने बड़ी पूजा करके नौकरी लगवाने के लिए 14 हजार रुपये देने को कहा।
मनीष ने 14 हजार रुपये की नकदी होने से इनकार किया तो तांत्रिक ने कहा कि अगर घर में 11 तोले सोना है, तो वही लेकर आओ। सोने की पूजा करने के बाद नौकरी लग जाएगी। मां-बेटे ने ऐसा ही किया।
बुधवार को तांत्रिक के पास सोना लेकर गए और उसने मटके में सोना डालकर कुछ टोटका किया। फिर एक रूमाल बांधकर मनीष और उसकी मां को यह कहकर दिया कि यह पूजा वाला सोना है।
घर जाने से पहले एक बार मंदिर में जाकर फिर से इस सोने की वही पूजा करना, जो बताई गई है। जब मंदिर में जाकर पूजा करने के लिए मां-बेटे ने रूमाल खोला तो उसमें स्टेपलर की पीन बड़े-बड़े गुच्छे में उलझी हुई निकली।
यह देखते ही मां-बेटे के होश उड़ गए। जब दोनों वापस तांत्रिक के दफ्तर आए तो वह अपने चेले के साथ फरार हो चुका था। इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।