स्थानीय पुलिस ने नाके के दौरान लगभग तीन किलो से अधिक वजन का सोना बरामद किया है। पुलिस ने इसकी कीमत लगभग एक करोड़ 38 लाख 94 हजार 523 रुपये आंकी है।
पुलिस ने यह सोना कब्जे में लेकर सैल्स टैक्स विभाग को सूचित कर दिया है।
डीएसपी खरड़ जगविंदर सिंह चीमा ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार की दोपहर मजात चौकी के निकट पुलिस ने चुनाव के मद्देनजर नाकेबंदी कर रखी थी। इस दौरान एक इंडिगो कार को रोककर उसकी तलाशी ली गई।
यह देखकर कार में सवार तीनों लोग पुलिस को देखकर सकपका गए। पुलिस ने कार सवार चंडीगढ़ निवासी जसमीत सिंह, उदय भाग एवं गांव तड़ौली निवासी हरी सिंह के पास से दो पार्सल बरामद किए।
इन लोगों ने खुद को कोरियर कंपनी सीक्वल लोजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड मनीमाजरा का कर्मचारी बताया। उन्होंने पूछताछ में बताया कि इन पार्सल में सोना है, जो दिल्ली से गंगानगर ले जाया जा रहा है।
पुलिस को इन लोगों ने सोने के संबंधित बिल एवं बिल्टी के दस्तावेज भी दिखाए। इन पर दर्शाए गए डिलीवरी आर्डर, डिलीवरी रूट एवं डिलीवरी वाहन के नंबर अलग-अलग थे।
पुलिस को आशंका हुई कि राजस्थान ले जाने के लिए दिल्ली से इस कार को खरड़ की ओर क्यों आना पड़ा। पूछताछ में पकड़े गए लोग कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर पुलिस ने सेल्स टैक्स विभाग को सूचित किया। मौके पर मौजूद ईटीओ सिमरनदीप सिंह बराड़ ने कहा कि सोने के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं। जिनकी जांच की जा रही है। सोने के मालिक को भी बुलाया गया है साथ ही कोरियर कंपनी के संचालक से भी पूछताछ की जा रही है।
ईटीओ ने बताया कि यदि गड़बड़ी पाई गई, तो 51 फीसदी पेनल्टी लगेगी। वैसे जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिक्रयोग है शुक्रवार को नाकेबंदी के दौरान ही मोहाली शहर में स्टेट सर्विलेंस की टीम ने जगतपुरा टी-प्वाइंट पर एक कार से .12 बोर की रायफइल एवं छह कारतूस बरामद किए थे।
कार चंडीगढ़ से लुधियाना जा रही थी। पुलिस के अनुसार कार सवार भजन सिंह निवासी गांव साहिबगढ़ जिला पटियाला भी सीक्वल लोजिस्टिक प्राइवेट लिमिटिड में सिक्योरिटी गार्ड है। उसने राइफल लाइसेंसी बताया था, परंतु वह पुलिस को कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सका।