जिला अदालत ने सोमवार को धोखाधड़ी के मामले में बलबीर सिंह नाम के व्यक्ति को चार साल की कैद एवं पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जबकि इसी मामले के दूसरे आरोपी बलबीर के पिता मुनषा सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है। यह दोनों ही फेज-9 के रहने वाले हैं।
जानकारी के मुताबिक मामला अप्रैल 2005 का है। लखविंदर सिंह सेक्टर-55 ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी पत्नी सतवंत कौर सिंचाई विभाग में कार्यरत थी। परंतु मुनषा सिंह भी कार्यरत थे।
इस दौरान मुनषा सिंह ने सतंवत कौर को कहा कि उसका बेटा विदेश भेजने का काम करता है। साथ ही उसके पति को बाहर भेजने का भरोसा दिया।
इस दौरान उसने लखविंदर को बाहर भेजने के नाम पर दो लाख बीस हजार रुपये ले लिए। लेकिन उसे विदेश नहीं भेजा। जब पैसे मांगे तो चेक पकड़ा दिए। जैसे ही बैंक में लगाए वे बाउंस हो गए।
लखविंदर की शिकायत पर बलबीर सिंह एवं उसके पिता मुनषा सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।