भाई गांव के ही एचडी स्कूल की बस चलाता था। सोमवार की सुबह करीब 6 बजे उसके पास बड़े भाई 30 वर्षीय संदीप ने फोन कर कहा कि उसे बुखार है। उसका अस्पताल में उपचार करा देना। इसके बाद उसने साढ़े 8 बजे आने की बात कही। सुबह करीब 9 बजे जब वह घर पर पहुंचा तो भाई संदीप का शव मकान के एक कमरे में पंखे से लटका हुआ था। जबकि दूसरे कमरे में भाभी 28 वर्षीय ममता, भतीजी 6 वर्षीय अन्नू और ढाई वर्षीय भतीजे गौरव का शव पड़ा था।
इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पाते ही सदर थाना एसएचओ मंजीत मौर और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस किस आधार पर रिपोर्ट दर्ज करे, इसको लेकर पुलिस और ग्रामीणों के बीच नोकझोंक हुई। बाद में पुलिस ने मृतक संदीप के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया। जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि घरेलू कलह के चलते ममता ने पहले दोनों बच्चों की हत्या की।
इसके बाद पत्नी ने खुदकुशी की। तीनों की मौत से तनाव में आकर संदीप ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने संदीप द्वारा तीनों की हत्या करने की बात को गलत बताया। मृतक ममता के पिता रिटायर्ड फौजी है। वहीं, फोरेंसिक विभाग के अनुसार प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि दोनों बच्चों और पत्नी की पहले गला दबाकर हत्या की गई। बच्चों का गला दबाया गया जबकि पत्नी की रस्सी से गला दबाकर हत्या की गई। जबकि पति संदीप ने फांसी लगाकर तीनों के बाद सुबह के समय खुद भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।