बताते हैं कि राजमिस्त्री का काम करने वाले महेंद्र का अपनी पत्नी नूरजहां से मनमुटाव चल रहा था। पत्नी करीब दो माह पहले घर छोड़कर चली गई थी। इसके बाद से महेंद्र परेशान था। करीब चार दिन से महेंद्र व उसका बेटा समीर (11), बेटी सोनिया (9) और छोटा बेटा राज (6) दिखाई नहीं दे रहे थे। तीनों बच्चे गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ते थे।
चार दिन से वह स्कूल नहीं गए तो एक शिक्षक ने सोमवार को अन्य बच्चों को महेंद्र के घर भेजा। जब बच्चे महेंद्र के घर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खोला तो तीनों बच्चों के शव बेड पर और महेंद्र का शव चारपाई पर सड़ी हुई हालत में मिला। बच्चों के ऊपर रजाई डाली गई थी। पुलिस ने महेंद्र के भांजे सद्दाम के बयान दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
महेंद्र के भांजे सद्दाम ने बयान दिया है कि उसकी मामी नूरजहां के बीच मनमुटाव रहता था। उसकी मामी दो माह पहले घर छोड़कर चली गई थी, जिससे मामू महेंद्र परेशान रहने लगे। मानसिक परेशानी के चलते महेंद्र ने पहले बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाया और बाद में खुद निगल लिया होगा। इसी आधार पर मामले की जांच की जा रही है। -समुंद्र सिंह, जांच अधिकारी, सदर थाना गोहाना।