कुरुक्षेत्र में पुलिस भर्ती के दौरान चार अभ्यर्थियों की मौत के मामले में मृतकों के परिजनों ने इसे ज्यादती के कारण हुई घटना करार दिया है। साथ ही सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं दूसरी ओर सूबे के पूर्व आईजी रणबीर सिंह ने भी इस भर्ती प्रक्रिया पर उंगली उठाई है। रणबीर सिंह ने इस मामले की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की है। प्रेस क्लब में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पूर्व आईजी रणबीर सिंह ने कहा कि अगर मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी नहीं दी जाती है तो वे मामले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
भर्ती के दौरान अपने भाई को ट्रैक तक छोड़कर लौटने वाले आकाश ने बताया कि उसके भाई की मौत के बावजूद परिजनों को इसकी सूचना देने के मामले में भी देरी गई । इस दौरान परिजन अस्पतालों में भटकते रहे। चंडीगढ़ पहुंचने के बाद उन्हें मौत की पुख्ता जानकारी मिली। एथलेटिक्स और कबड्डी में अव्वल खिलाड़ी भूपेंद्र की तरह सोमवीर के परिजनों ने भी सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। पूर्व आईजी रणबीर सिंह ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि दौड़ के दौरान बदइंतजामी के कारण ही युवाओं की मौत हुई है।
जबकि पानीपत निवासी दीपक अभी भी मौत से जूझ रहा है। मृतकों के परिजनों ने कहा कि मामले की शिकायत जिला स्तर पर की गई और चयन बोर्ड के आला अधिकारियों से भी मिलने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप लगाते हुए कहा कि दौड़ में पहले 13-13 हजार अभ्यर्थियों को दौड़ाया गया, जिनके लिए माकूल इंतजाम नहीं थे। इस भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई जांच करवाई जाए, अन्यथा अगले सप्ताह इस मामले को लेकर जनहित याचिका दायर करेंगे।