वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने मंगलवार का दिन तय किया था। वारदात को अंजाम देने के लिए पांच लोग तीन बाइक पर वारदात स्थल पर आए और एक साइड पर खड़े हो गए। जोगा वहां नहीं गया था। जब कंपनी कर्मचारी करण और मनप्रीत सिंह पैसों से भरा बैग लेकर निकले तो भुवनेश्वर ने आरोपियों को बता दिया।
जब दोनों बाइक से निकलने लगे तो आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और बैग छीना। उन्होंने विरोध किया तो आरोपियों ने दोनों की टांगों पर गोली मार दी। उसके बाद भी मनप्रीत ने एक लुटेरे की टांग नहीं छोड़ी। आरोपी राणा ने मनप्रीत की टांग पर तेजधार हथियार से वार किया और वहां से बाइक लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद आरोपी एक जगह पर इकट्ठा हुए और 1.90 लाख रुपये के हिसाब से सब में बांट लिए।
सोमवार को होनी थी वारदात
आरोपी सोमवार को वारदात करनी थी, लेकिन रोहित कुब्बा का फोन बंद होने की वजह से काम नहीं हो पाया। अगले दिन हरप्रीत ने कुब्बा के साथ संपर्क किया तो पता चला कि कुब्बा सोमवार को डीएमसी अस्पताल के बाहर मुलाजिम को गोलियां मारकर फरार हो गया था। अगले दिन वह आरोपियों का साथ देने पहुंचा। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश में छापामारी की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।