खुदकुशी करने से पहले गुरदेव सिंह गांव के गुरुद्वारा में माथा टेकने गए थे। अरदास के बाद उन्होंने लाउडस्पीकर से घोषणा की कि गुरुद्वारा कमेटी के खजाने का पूरा हिसाब गांववासियों को दिया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब उम्र हो गई है, इतनी जिम्मेदारी नहीं संभाल सकते, इस पर भी किसी को शक नहीं हुआ कि क्या होने वाला है।
पंजाब के रायकोट के गांव कालसा के पूर्व सरपंच व जत्थेदार गुरदेव सिंह कालसा ने मंगलवार सुबह गांव की पानी की टंकी से कूदकर खुदकुशी कर ली है। 80 वर्षीय गुरदेव सिंह गांव के मौजूदा पंच, लोकल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान और अकाली दल के टकसाली नेता भी थे। थाना रायकोट सदर पुलिस ने मृतक की पुत्रवधू हरिंदर कौर के बयान पर सीआरपीसी की धारा 174 के मामला दर्जकर लिया है।
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गौरतलब है कि खुदकुशी करने से पहले गुरदेव सिंह गांव के गुरुद्वारा में माथा टेकने गए थे। अरदास के बाद उन्होंने लाउडस्पीकर से घोषणा की कि गुरुद्वारा कमेटी के खजाने का पूरा हिसाब गांववासियों को दिया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि अब उम्र हो गई है, इतनी जिम्मेदारी नहीं संभाल सकते, इस पर भी किसी को शक नहीं हुआ कि क्या होने वाला है। इसके बाद गुरुद्वारा साहिब से निकलकर गुरदेव सिंह गांव की पानी की टंकी पर चढ़ गए और कूदकर खुदकुशी कर ली।
जानकारी के अनुसार गुरदेव सिंह के बेटे गुरजंट सिंह के शादी के कई वर्षों बाद भी औलाद नहीं हुई, गुरजंट उनका इकलौता पुत्र था। पोता-पोती की इच्छा पूरी न होने के कारण वे काफी परेशान थे। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अजायब सिंह ने कहा कि मामले की जांच चल रही है।