जज नोट कांड की आरोपी पूर्व जज निर्मल यादव को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिल पाई है।
शुक्रवार को हाईकोर्ट ने पूर्व जज द्वारा दाखिल उस याचिका को रद कर दिया, जिसमें सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा चार्ज फ्रेम करने के आदेशों पर रोक लगाने के निर्देश जारी करने का आग्रह किया था।
हाईकोर्ट ने कहा कि सीबीआई कोर्ट पहले चार्ज फ्रेम करने के आदेश जारी कर चुकी है। लोअर कोर्ट ने इसकी तारीख 26 नवंबर के लिए निर्धारित की है, लिहाज अब इस याचिका का कोई अस्तित्व नहीं रह जाता।
हाईकोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ याचिका को रद कर दिया।
2008 के जज नोट कांड मामले में सीबीआई की विशेष अदालत पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि हाईकोर्ट में लंबित रिवीजन याचिका का सुनवाई से कोई प्रभाव नहीं है।
मामले की पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सभी मूल दस्तावेज सीबीआई कोर्ट को लौटा दिए थे और रिकार्ड की फोटो प्रतियां ही अपने पास रखी।
इसके बाद पूर्व जस्टिस निर्मल यादव ने अपील दाखिल कर सीबीआई कोर्ट में चल रहे मामले की सुनवाई पर रोक लगाने की आग्रह हाईकोर्ट से की थी।
इस पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने याची पक्ष से सवाल किया था कि वह बताएं कि ऐसे कौन से मामलों में प्रावधान है, जिसके तहत भ्रष्टाचार के मामले की सुनवाइयों पर रोक लगाई जा सके।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान याची पक्ष के वकील कोई भी संतोषजनक जवाब दाखिल नहीं कर पाए। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद पूर्व जज द्वारा दाखिल याचिका को रद कर दिया।