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पीजीआई चंडीगढ़ के प्रोफेसर के घर से लाखों की विदेशी करेंसी चोरी, नौकर पर शक...केस दर्ज

Tue, 05 Mar 2019 09:46 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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चंडीगढ़ में सेक्टर-24ए में पीजीआई प्रोफेसर के घर से लाखों की विदेशी करेंसी चोरी हो गई। चोरी की वारदात का पता उस वक्त चला जब घर में काम करने वाला नौकर 15 दिनों से काम पर नहीं लौट रहा था। इसके बाद जब आलमारी खोली गई तो उसमें से 2 हजार यूएस डॉलर, 600 कनाडियन डॉलर, 250 यूरो, 350 स्विस फ्रांस, 300 सिंगापुर डॉलर और 20 हजार रुपये की नकदी गायब थी।
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मामले की सूचना पर पहुंची सेक्टर-11 थाना पुलिस ने पंजाब के मुक्तसर निवासी नौकर केवल के खिलाफ आईपीसी की धारा 381 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीजीआई प्रोफेसर कृष्ण गौबा सेक्टर-24ए में परिवार के साथ रहते हैं। उनका बेटा यूएस में डॉक्टर है। बीते रविवार पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना मिली कि मकान नंबर-75 में चोरी हुई है। सूचना पर पहुंची पीसीआर और सेक्टर-11 थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस को दी शिकायत में प्रोफेसर कृष्ण

गौबा ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष नवंबर में घर में कामकाज के लिए मुक्तसर निवासी केवल को काम पर रखा था लेकिन वह करीब 15 दिन पहले ही घर छोड़ चला गया। इसके बाद उसे लगातार फोन किया गया लेकिन उसका कुछ पता नहीं लग सका। शक होने पर उन्होंने आलमारी खोलकर देखा तो उसमें रखे 2 हजार यूएस डॉलर, 600 कनाडियन डॉलर, 250 यूरो, 350 स्विस फ्रांस, 300 सिंगापुर डॉलर और 20 हजार रुपये की नकदी गायब थी। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। बयान के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
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लगते हैं विदेशी टूर
पुलिस की जांच में सामने आया कि प्रोफेसर कृष्ण गौबा का आए दिन विदेशी दौरे पर होते हैं। इस वजह से विदेशी करेंसी उनके पास रहती थी। इसे वह अपनी आलमारी में ही रखते हैं। वहीं, वारदात के बाद पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया गया है ताकि आरोपी तक पहुंचा जा सके। पुलिस का कहना है कि मामले में हर एंगल से जांच की जा रही है।

नहीं हुआ था वेरिफिकेशन
घटना के बाद पुलिस जांच में सामने आया कि घर में नौकर केवल का कोई पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हुआ था। ऐसे में सवाल उठता है कि एक तरफ पुलिस लगातार घरों और दुकानों में वेरिफिकेशन करने का दावा करती है लेकिन वह पिछले करीब चार महीने से बिना पुलिस वेरिफिकेशन के काम कर रहा था। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर आरोपी का वेरिफिकेशन हुई होती तो आरोपी आसानी से पकड़ा जाता।
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