मैगी को लेकर देश भर में मची गहमागहमी और कई राज्यों में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध के बीच यहां नूडल्स खाने से दो बच्चों की हालत बिगड़ गई। दोनों भाई हांसी के गांव गोगाराम कॉलोनी के रहने वाले हैं।
माता-पिता के घर पर न होने पर दादी से पैसे लेकर बच्चे पांच-पांच रुपये वाले नूडल्स के दो पैकेट लेकर आए और खुद ही बनाकर खा लिए। देर शाम उनके पेट में दर्द उठा और उल्टी शुरू हो गई। एक बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे हिसार के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बच्चे की मां वीना रानी बताया कि बुधवार को वह किसी काम से बाहर गई हुई थी। घर पर आर्यन (11) व अमन (6) और उनकी दादी थीं। भूख लगने पर दोनों बच्चे दादी से पैसे लेकर क्षेत्र की एक एक दुकान से नूडल्स के पैकेट ले आए और घर पर बनाकर खा लिए।
रात नौ बजे के करीब जब हम घर लौटे तो दोनों बच्चों को उल्टी दस्त शुरू हो गए। दोनों को हांसी के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पर डाक्टरों ने फूड़ प्वाइजनिंग होने की बात कही। बृहस्पतिवार को देर रात आर्यन की तबीयत और ज्यादा खराब हो गई।
चिकित्सकों ने उसे हिसार रेफर कर दिया। आर्यन का हिसार के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। जहां पर उसकी हालत गंभीर है। आर्यन ने बताया कि दादी से पैसे लेकर पांच-पांच रुपये के दो पैकेट लाया था।
उधर, हांसी के निजी अस्पताल के डॉक्टर ईश आहूजा ने बताया कि दोनों बच्चों को फूड प्वाइजनिंग हुई है, एक की हालत गंभीर होने पर उसे हिसार रेफर किया गया है। वहीं सीएमओ डॉ. जितेंद्र ग्रेवाल का कहना है कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। वैसे जिले में मैगी की सैंपलिंग की कार्रवाई चल रही है।