आत्महत्या करने से पहले इंस्पेक्टर राकेश ने एक सुसाइड नोट लिखा। इस नोट को अपने कुछ परिचितों के पास व्हाट्सएप के जरिये भेज दिया। एक पेज के इस सुसाइड नोट में डीएफएससी अशोक शर्मा, उप निरीक्षण रण सिंह, उप निरीक्षक शरद कुमार व सेवानिवृत्त निरीक्षक महावीर सिंह का नाम सामने आया है। अशोक शर्मा पर मेडिकल अवकाश रद्द करने, कार्यभार से मुक्त करने व मारपीट करने के आरोप हैं।
रण सिंह पर जान से मारने की धमकी देने व अभद्र व्यवहार करने का आरोप है। सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि शरद कुमार व महावीर सिंह ने गेहूं और सिलिंडर के घोटाले किए। जब मैंने आरटीआई मांगी तो मुझे जान से मारने की धमकी दी। इन चारों ने मुझे मरने को मजबूर कर दिया है। ये चारों मेरी मौत के जिम्मेदार हैं।
दिव्यांग थे इंस्पेक्टर राकेश, पांच महीने पहले सांपला से बहादुरगढ़ हुई बदली
करीब तीन साल पहले बीमारी के चलते इंस्पेक्टर राकेश का एक पांव डॉक्टरों ने काट दिया था। मृतक के भतीजे रजनीश का आरोप है कि उस दौरान उन्होंने जो छुट्टियां ली थीं, उस वजह से उन्हें निलंबित कर दिया था। बाद में कानूनी लड़ाई लड़ी तो वह बहाल हो सके। करीब पांच महीने पहले ही सांपला से बहादुरगढ़ उनकी बदली हुई थी।
अस्पताल में पहुंचे मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। राकेश की पत्नी सुषमा देवी ने कहा कि पिछले काफी समय से उनके पति को परेशान किया जा रहा था। अधिकारियों द्वारा धमकी दी जाती थी। इतना प्रताड़ित किया गया कि उन्होंने यह कदम उठा लिया। भतीजे रजनीश ने कहा कि उनके चाचा राकेश ईमानदार थे।
ये ईमानदारी कुछ अधिकारियों को रास नहीं आ रही थी, अक्सर उन्हें परेशान किया जाता था। पुलिस प्रशासन इस मामले की गंभीरता से जांच करे और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
अधिकारी का फोन बंद
राकेश की मौत के दौरान अस्पताल परिसर में विभाग से केवल एक-दो ही कर्मचारी नजर आए। बाकी कोई अधिकारी नहीं आया था। उधर, जब इस संबंध में डीएफएससी से बात करनी चाही तो उनका मोबाइल बंद था।
चारों आरोपियों पर केस दर्ज
परिजनों की शिकायत पर चारों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया गया है। गंभीरता से मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। -दिनकर यादव, एसएचओ, लाइनपार थाना