रामगढ़ के पास पड़ते गांव बिल्ला में मोहाली पुलिस को गैंगस्टरों के होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस उन्हें पकड़ने पहुंची। जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे हुए एनकाउंटर में भुप्पी राणा गैंग के गैंगस्टरों ने पुलिस के आने के बाद फरार होने के मकसद से उन पर फायरिंग कर दी। इसमें मोहाली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल रछप्रीत को टांग में गोली लगी। साथी पुलिसकर्मियों ने उसे कवर करके बचाया और इलाज के लिए तुरंत चंडीगढ़ के जीएमसीएच-32 अस्पताल पहुंचाया।
वहीं, जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गैंगस्टरों को घेरकर उन्हें फरार होने का कोई मौका नहीं दिया। करीब आधे घंटे की कार्रवाई में पुलिस ने चारों गैंगस्टरों को काबू कर लिया। हालांकि इस दौरान पुलिस ने एक राउंड फायरिंग भी नहीं की। वारदात की सूचना पर क्राइम ब्रांच, पंचकूला के पुलिसकर्मी भी तुरंत मौके पर पहुंच गए।
आरोपी हमलावरों में नारायणगढ़ निवासी हरसिमरन उर्फ सिम्मू, उत्तर प्रदेश के जिला गाजियाबाद निवासी धुर्वमोहन गर्ग, डेराबस्सी निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी और रायपुररानी के गांव पारवाला निवासी गुरचरण सिंह उर्फ गुना शामिल हैं। पुलिस को उनसे दो देसी पिस्टल, दो खोल, दो मैगजीन और छह कारतूस बरामद हुए हैं।
आरोपियों पर थाना चंडीमंदिर में हत्या के प्रयास सहित आईपीसी की अन्य विभिन्न धाराओं व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। थाना चंडी मंदिर के एसएचओ दीपक शर्मा ने बताया कि मोहाली पुलिस ने इस दौरान एक भी राउंड फायरिंग नहीं की। फिलहाल पंचकूला पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुटी है। सोमवार को इन्हें अदालत में पेश कर उनके रिमांड की मांग की जा सकती है।
मोहाली के एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने कहा कि मोहाली पुलिस आरोपियों को जल्द प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी। पुलिस लगातार अपने ऑपरेशन में जुटी है। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को सफल ऑपरेशन पर बधाई दी। ऑपेरशन टीम में सहायक उप-निरीक्षक बेअंत सिंह, मुख्य सिपाही रछप्रीत सिंह, जगसीर सिंह, वीरेंद्र सिंह, सिपाही बलविंदर सिंह, उपेंद्र सिंह, सुखविंदर सिंह, परमिंदर सिंह, देवेंद्र सिंह, सिमरदीप सिंह के साथ निजी गाड़ी में सिपाही बलविंदर सिंह और मुख्य सिपाही रसप्रीत सिंह शामिल रहे।