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सिरसा में पंजाब पुलिस और ग्रामीणों के बीच खूनी संघर्ष, एक की मौत, सात पुलिसवाले गंभीर घायल

Thu, 10 Oct 2019 01:19 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डबवाली, ओढां (हरियाणा)
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पुलिस और ग्रामीणों के बीच संघर्ष - फोटो : अमर उजाला
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सिरसा के गांव देसूजोधा में बुधवार अल सुबह पंजाब पुलिस व ग्रामीणों में जमकर खूनी संघर्ष हुआ। इस दौरान पुलिस फायरिंग में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, पत्थरबाजी और मारपीट में सभी सात पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें से एक मुलाजिम को गोली लगी है। सूचना पाकर एसपी बठिंडा जीएस संगा व डबवाली डीएसपी कुलदीप सिंह मौके पर पहुंचे। 

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वहीं सिरसा से डीएसपी हेडक्वार्टर राकेश चेची ने भी स्थिति का जायजा लिया। डबवाली सिटी पुलिस ने पंजाब के एसआई हरजीवन सिंह के बयान पर मृतक जग्गा सिंह, कुलविंदर सिंह, पिंदा सिंह, गगनदीप सिंह व तेज सिंह सहित 40 से 50 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। 

जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह साढ़े छह बजे के करीब सीआईए पुलिस के एएसआई हरजीवन सिंह, जसकरण सिंह, सुखदेव सिंह, गुरतेज सिंह, हेड कांस्टेबल जगमीत सिंह, कांस्टेबल कमलजीत सिंह व महिला कांस्टेबल मनप्रीत की टीम ने एक आरोपी गगनजीत को साथ लेकर देसूजोधा में कुलविंदर सिंह उर्फ किंदी के यहां दबिश दी। 

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पुलिसकर्मी को पीटते और घसीटकर ले जाते लोग - फोटो : अमर उजाला
टीम में दो पुलिसकर्मियों को छोड़कर अन्य सभी सादी वर्दी में थे। पुलिस ने जब किंदी को काबू किया तो परिजनों ने उसे छुड़ाने के लिए हाथापाई शुरू कर दी। इसके बाद घर के लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। खुद को घिरा देखकर एक पुलिसकर्मी ने फायरिंग शुरू कर दी। उसने करीब 9 राउंड फायर किए। इसी दौरान एक गोली किंदी के चाचा जग्गा सिंह (51) को लगी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 

जग्गा की मौत से भड़के ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों से हथियार छीन लिए। उन्होंने महिला पुलिसकर्मी समेत तीन को बंधक बना लिया। इसके बाद उन्होंने तेजधार हथियारों, डंडों, चप्पलों व पत्थरों से पुलिस पर हमला कर दिया। इस दौरान उन्होंने गगनदीप को भी छुड़ा लिया। 

बताया जा रहा है कि ग्रामीणों से संघर्ष के दौरान कांस्टेबल कमलजीत सिंह को गोली लगी है और हालत गंभीर है। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि उसे गोली किसने मारी। आरोपियों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस कर्मचारी ने खुद को गोली मारी है। सूचना पाकर डबवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घायल पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए डबवाली के नागरिक अस्पताल भिजवाया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद पंजाब पुलिस उन्हें बठिंडा ले गई। 

इसलिए गई थी पुलिस

सात अक्तूबर को बठिंडा की पुलिस ने गांव किशनगढ़ निवासी गगनदीप उर्फ गग्गी और मनदीप सिंह को छह हजार नशीली गोलियों समेत काबू किया था। पूछताछ के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि वे ये गोलियां गांव देसूजोधा निवासी कुलविंदर उर्फ किंदी से लेकर आए थे। इस मामले की जांच रामा व बठिंडा पुलिस की सीआईए प्रथम संयुक्त रूप से कर रही थी।

वीडियो वायरल : पुलिसकर्मी कर रहे छोड़ने की अपील  
इस मामले का सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें लोग पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर घसीटते और उन्हें पीटते हुए दिख रहे हैं। पुलिसकर्मी ग्रामीणों से उन्हें छोड़ने की अपील कर रहे हैं लेकिन लोग उन्हें लाठियों व जूतों से मार रहे हैं। 

डीसी ने एसडीएम कालांवाली को सौंपी जांच
इस मामले में मृतक के परिजनों ने सिटी डबवाली थाना में पंजाब पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दी है। उपायुक्त ने डबवाली के नायब तहसीलदार व कालांवाली के एसडीएम को मामले में जांच के लिए नियुक्त किया है। पोस्टमार्टम के लिए 3 चिकित्सकों का बोर्ड बैठाया गया है। -कुलदीप बैनीवाल, डीएसपी (डबवाली)

किंदी पंजाब पुलिस का एनडीपीएस मामले का आरोपी था। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए एसआई हरजीवन सिंह के नेतृत्व में एक टीम गांव देसूजोधा पहुंची थी। उसके परिजनों ने पुलिस पर हमला कर दिया। इसमें हमारे सातों पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। एक पुलिसकर्मी कमलजीत को गोली लगी है जिसकी हालत गंभीर है। इस मामले में डबवाली पुलिस कार्रवाई कर रही है। - परमजीत सिंह, इंचार्ज (सीआइए प्रथम बठिंडा)

बुधवार को सीआईए की सात सदस्यीय टीम आरोपी गगनदीप को साथ लेकर कुलविंदर को गिरफ्तार करने पहुंची तो आरोपी गांव देसूजोधा के एक घर में छिप गया। उसका पीछा करते हुए पुलिस गांव में चली गई, जहां लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान जिस आरोपी गगनदीप को लेकर पुलिस निशानदेही के लिए पहुंची थी, उसे भी ग्रामीणों ने हमला कर छुड़वा लिया। ग्रामीणों के हमले में सातों पुलिस कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इनमें से एक पुलिस कर्मी की हालत चिंताजनक है। आईजी ने कहा कि पुलिस टीम पर हमला करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज कार्रवाई की जाएगी। अरुण मित्तल, आईजी, बठिंडा जोन

आईजी ने की पुष्टि, कहा- हमला करने वाले ग्रामीणों पर दर्ज करेंगे केस

नशा तस्करी मामले में आरोपी की निशानदेही पर गांव देसूजोधा में छापा मारने पहुंची पुलिस पर हमला करने वाले ग्रामीणों पर केस दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में मीडिया से बात करते हुए बठिंडा जोन के आईजी अरुण मित्तल ने कहा कि सिरसा पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों सीआईए पुलिस की ओर से रामा मंडी के नशा तस्कर गगनदीप सिंह को नशीले पदार्थ समेत गिरफ्तार किया था। जो पुलिस रिमांड पर चल रहा था।

उन्होंने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी गगनदीप ने गांव देसूजोधा के कुलविंदर सिंह नामक व्यक्ति नाम लिया, जिसको पुलिस ने नशा तस्करी मामले में नामजद किया था। बुधवार को उसकी गिरफ्तारी के लिए सीआईए की सात सदस्य टीम आरोपी गगनदीप को साथ लेकर गई। आईजी ने बताया कि सुबह करीब साढे़ छह बजे जब पुलिस आरोपी के साथी कुलविंदर को गिरफ्तार करने डबवाली पहुंची तो आरोपी पुलिस को देखकर गांव देसूजोधा के एक घर में छिप गया।

जिसका पीछा करते हुए पुलिस गांव में चली गई, जहां लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान जिस आरोपी गगनदीप को लेकर पुलिस निशानदेही के लिए पहुंची थी, उसे भी ग्रामीणों ने हमला कर छुड़वा लिया। आईजी ने बताया कि ग्रामीणों के हमले में सातों पुलिस कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इनमें से एक पुलिस कर्मी की हालत चिंताजनक है। आईजी ने कहा कि पुलिस टीम पर हमला करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज कार्रवाई की जाएगी। सिरसा पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

वायरल वीडियो में पंजाब पुलिस के कर्मचारी मान रहे हैं कि खुद ही मारी गोली

गांव देसूजोधा में नशा तस्कर को पकड़ने पहुंची सीआईए बठिंडा पुलिस के साथ टकराव में गोली लगने से 65 वर्षीय खेतीहर मजदूर जग्गा सिंह की मौत हो गई, जबकि दूसरी ओर छाती पर गोली लगने से बठिंडा पुलिस का कांस्टेबल कमलदीप सिंह घायल हो गया। घटना के बाद सिरसा के एसएसपी डॉ. अरुण सिंह ने डबवाली का दौरा किया और मृतक जग्गा सिंह के परिजनों को बयान के आधार पर कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। वहीं पंजाब पुलिस ने आरोपी के घर पर रेड करने से पहले हरियाणा पुलिस को सूचना नहीं दी।

पंजाब पुलिस का दावा है कि उन्होंने नाका लगाया हुआ था और आरोपी नाका तोड़कर भागा था, जिसका पीछा करते हुए गांव में टीम पहुंच गई। वहीं गांव देसूजोधा की वायरल हुई वीडियो में से एक में पंजाब पुलिस का एक सादी वर्दी वाला मुलाजिम एके 47 से हवाई फायरिंग कर रहा है। वायरल वीडियो में लोगों के गुस्से से बचने के लिए मुलाजिम कुलविंदर सिंह के घर में कमरों अंदर छिप गए। वीडियो में गांववासी पुलिस मुलाजिमों को कमरों में से निकाल कर जमीन पर घसीट-घसीट कर मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे है।

गांववासियों के अनुसार पंजाब पुलिस ने 28 गोलियां चलाईं। मृतक मजदूर जग्गा सिंह के भतीजे और आरोपी कुलविंदर सिंह के भाई भिंदर सिंह ने बताया कि आज सुबह साढ़े 5 बजे पंजाब पुलिस के तीन खाकी वर्दीधारी और 5-6 सादा कपड़ों में मुलाजिमों ने घर में सोए कुलविंदर सिंह को दबोच लिया। भिंदर सिंह तथा कुलविंदर सिंह की पत्नी ने दोष लगाया कि पंजाब पुलिस उसके पिता व भाई कुलविंदर सिंह को बहुत बेरहमी के साथ मारने पीटने लगी। जब गांववासियों ने हरियाणा पुलिस के बिना आने पर ऐतराज जताया तो पंजाब पुलिस के मुलाजिमों ने सीधी गोलियां बरसानी शुरू कर दी।

मौके पर सादा वर्दी पुलिस मुलाजिम की तरफ से चलाई गोली खेत को जा रहे उसके चाचा जग्गा सिंह के सीने में लगी तो गांववासी भड़क गए। लोगों ने पुलिस मुलाजिमों को घेरकर मारपीट शुरू कर दी। कुछ गांववासियों ने गोली लगने से घायल मुलाजिमों की जान बचाने को अस्पताल ले जाने के लिए गाड़ी में बिठाया। गांववासी जगमेल सिंह व महक सिंह ने कमरों में दीवार पर गोली का निशान दिखाते हुए बताया कि खेत मजदूर जग्गा सिंह के गोली मारने के बाद पुलिस मुलाजिम ने स्वयं कमरे में जाकर अपने बचाव के लिए स्वयं गोली मारी। जिसको पुलिस मुलाजिमों ने वीडियो में भी स्वीकारा है।

वहीं अस्पताल में मौजूद मृतक जग्गा सिंह की पुत्रवधू कर्मजीत कौर व पुत्र वीर सिंह व एक अन्य सुखदीप सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मी ने खुद को ही गोली मारी है। उन्होंने बताया कि उनके पास कोई हथियार नहीं थे जबकि पुलिस के पास हथियार थे। एक पुलिसकर्मी ने फायरिंग कर जग्गा सिंह को मौत के घाट उतार दिया। जिसके बाद उसने खुद को ही गोली मारी है।

 

जान बचाने के लिए गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाश वाले कमरे में घुसे

जगमेल सिंह, महक व पीड़ित परिवार के सदस्यों का आरोप है कि कमरे में श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया हुआ था और मुलाजिम जूतों सहित और नंगे सिर कमरे में घुस गए और गुरू साहिब की बेअदबी की। कुलविंदर सिंह की पत्नी ने आरोप लगाया कि उसका पति तो पांचवें हिस्से पर कृषि करता है और उसका नशे के साथ कोई लेना-देना नहीं है। आज सुबह छापेमार टीम ने उनके घर आकर सोए हुए कुलविंदर को दबोच लिया और मामला निपटाने के लिए दो लाख रुपयों की मांग की। बठिंडा के एसपी (डी) जीएस संघा नागरिक अस्पताल डबवाली में घायल मुलाजिमों का हाल-चाल पूछने पहुंचे।

पंजाब पुलिस का दावा नाके से पीछा कर रहे थे
दूसरी तरफ सीआईए बठिंडा के सब इंस्पेक्टर हरजीवन सिंह ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने गांव देसूजोधा के पास पंजाब-हरियाणा के बॉर्डर पर नाका लगाया था। मुकदमे में नामजद कुलविंदर सिंह मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचा और पुलिस नाका देखकर वापस भाग गया। वह नाके से कुलविंदर सिंह का पीछा करते हुए उसके घर तक पहुंच गए। जहां उक्त व्यक्तियों सहित 40-50 लोगों ने पुलिस पार्टी को घेर लिया और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। लोगों ने उनके मोबाइल, हथियार, फाइल, मुलजिम गगनदीप सिंह को भी वहां से भगा दिया। उनसे छीने गए हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी। जिससे गोली लगने से सिपाही कमलदीप सिंह घायल हो गया।
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वायरल वीडियो में महिला व पुरुष पुलिस कर्मचारी मान रहे हैं कि खुद ही मारी गोली

लोगों में पुलिस के प्रति इस कदर आक्रोष फैला कि वे हाथों में तेजधार हथियार, लाठी डंडे व पत्थर लेकर पुलिसकर्मियों को मारने पर उतारू हो गए। लेकिन कुछ ग्रामीण बिगड़े हालात देखते हुए पंजाब पुलिस के बचाव में उतर आए। लोगों ने महिला पुलिसकर्मी मनप्रीत कौर को परिजनों से छुड़वाकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया।

वायरल वीडियो में उक्त महिला कर्मचारी बोल पड़ी कि जग्गा सिंह की मौत पुलिस की गोली से हुई है। महिला पुलिसकर्मी के साथ लोगों से घिरे एक घायल पुलिसकर्मी ग्रामीणों से डरते हुए कहा कि जिस पुलिसकर्मी को गोली लगी है, उसने खुद ही गोली मारी है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि आखिर पुलिसकर्मी को गोली कैसे लगी।
 
सिरसा पुलिस को नहीं दी सूचना पंजाब पुलिस की रही लापरवाही
 इस मामले में पंजाब पुलिस की भी काफी लापरवाही सामने आ रही है। पुलिस ने देसूजोधा में रेड के दौरान डबवाली पुलिस को साथ लेना तो दूर सूचना तक नहीं दी। अगर डबवाली पुलिस साथ होती तो शायद ये खूनी संघर्ष न होता। कानूनन बाहरी पुलिस एक दूसरे क्षेत्रों में आरोपियों को काबू करने के दौरान स्थानीय पुलिस को साथ लेना उचित नहीं समझती।
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