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दर्दनाकः बेटे के साथ जली पिता की चिता

Tue, 11 Nov 2014 09:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, महेंद्रगढ़
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चार दिन पहले बेटे की हत्या हुई तो पिता को इतना गहरा सदमा लगा कि वह दोबारा चारपाई से नहीं उठ पाए। उठे तो चार लोगों ने कंधा देकर ही उन्हें उठाया। सदमे में पिता की जान भी चली गई। चार दिन पहले जहां बेटे की चिता जली थी, वहीं पिता की भी चिता जली। यह हृदय विदारक घटना देखकर पूरे गांव में माहौल गमगीन है और ग्रामीण परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं। घर में कोहराम मचा है और बस रोने की आवाजें आ रही हैं।
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यहां बात हो रही है गांव पाथेड़ा की। चार नवंबर को गांव के ही दो युवकों ने दुकान में शराब नहीं पीने देने से नाराज होकर दुकानदार परमिंद्र (27) की सिर पर राड मारकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। छह नवंबर को परमिंद्र ने पीजीआई रोहतक में दम तोड़ दिया था। बेटे की हत्या के बाद से जगतपाल (65) अंदर तक टूट गया था।
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जहां जली बेटे की चिता, वहीं पिता की

परमिंद्र से जगतपाल का लगाव ज्यादा इसलिए भी था, क्योंकि वह परमिंद्र के साथ ही रहता था और परमिंद्र उसका ख्याल भी रखता था। हालांकि, कुछ समय से जगतपाल बीमार चल रहा था, लेकिन बेटे की मौत के बाद वह बदहवाश हो गया था, रो रोकर आंखें पत्थर हो चली थी। बेटे की जुदाई वह सह न सका और सोमवार दोपहर बाद जगतपाल ने भी दम तोड़ दिया।

जैसे ही परिजनों ने उसे देखा तो परिवार में कोहराम मच गया। दोपहर बाद उसका संस्कार वहीं पर किया गया, जहां उसके लाडले परमिंद्र का संस्कार किया था। चार दिनों में बाप-बेटे की मौत से पूरा गांव गमगीन है। जगतपाल की अंतिम विदाई में पहुंचे ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गई।   

गांव में माहौल गमगीन
पड़ोसी सुरेश ने बताया कि कुछ दिन पहले तक इस परिवार में सब ठीक था। परमिंद्र हमेशा कहता था कि अब उसके पिता को खेत में काम करने की जरूरत नहीं रहेगी, क्योंकि मेहनत करके अपना काम बढ़ाएगा। लेकिन भगवान को शायद कुछ और ही मंजूर था। पहले पिता के कंधों पर बेटे की अर्थी गई और अब उसी स्थान पर पिता की चिता जली। परिवार में अब परमिंद्र की मां रामवति, पत्नी व दो बच्चे हैं। बड़ा सवाल है कि अब परिवार को पालेगा कौन?
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परिवार ही उजड़ गया

जगतपाल के देहांत की खबर गांव में आग की तरह फैल गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण उसके घर की तरफ दौड़े और परिजनों को संभाला। ग्रामीणों ने ही जगतपाल के अंतिम संस्कार की रस्म क्रिया अदा की। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोगों ने उसे विदाई दी। हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी कि कुछ ही दिनों में एक हंसता खेलता परिवार ही उजड़ गया।

एक आरोपी को भेजा जेल, दूसरे की तलाश जारी
परमिंद्र हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी अजीत को सोमवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे पहले पुलिस ने अजीत की निशानदेही पर वारदात में प्रयोग किए लठ व राड को बरामद कर लिया। पुलिस दूसरे आरोपी वीरेंद्र की तलाश कर रही है।

बता दें कि गांव पाथेड़ा के युवक परमिंद्र की हत्या के आरोप में पुलिस ने अजीत को आठ नवंबर को गिरफ्तार किया था। उसे अदालत में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया था। इस बारे में एसआई सतबीर सिंह ने बताया कि आरोपी अजीत को अदालत ने जेल भेज दिया है। दूसरे आरोपी वीरेंद्र की तलाश में छापामारी की जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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