तीन गांव के सरपंच बोले- स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से गई रेशम की जान
सिधवां बेट और जगरांव अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं था और न ही एंबुलेंस थी। हथियारों से घायल रेशम सिंह का अगर समय पर इलाज हो जाता तो वह जिंदा होता। मनसीहां बाजण के सरपंच जोगिंदर सिंह, कन्नियां हुसैनी के सरपंच नाहर सिंह और पर्जियां के सरपंच जसवीर सिंह जस्सा ने सेहत विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
तीनों सरपंचों ने बताया कि घटना के बाद लहूलुहान रेशम सिंह को सिधवां बेट सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। अस्पताल स्टाफ ने बिना जांच जगरांव ले जाने को कहा। जगरांव अस्पताल पहुंचने पर भी वहां डॉक्टर नहीं मिला और बिना इलाज लुधियाना भेज दिया गया।
जरूरी सेहत सुविधा से लैस एंबुलेंस का इंतजार करते तीन घंटे बीत गए तब तक रेशम की हालत और बिगड़ गई। हारकर रेशम को निजी गाड़ी से लुधियाना ले जा रहे थे लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सरपंचों ने डीसी सुरभि मलिक को शिकायत भेजकर सरकार से मामले में जांच की मांग की है।
एसडीएम जगरांव डॉ. मंजीत कौर ने कहा कि यह स्वास्थ्य विभाग की बेहद गंभीर लापरवाही है। अगर सिधवां बेट और जगरांव सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर और एंबुलेंस मौजूद नहीं थी तो इसकी उच्चस्तरीय जांच होगी। इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर जांच के बाद कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इतनी घोर लापरवाही के बारे में उन्हें मीडिया के माध्यम से ही जानकारी मिली है।