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बारिश से फसल बर्बाद, किसान ने लगाई फांसी

Mon, 06 Apr 2015 10:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
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बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल देखकर भिवानी और रेवाड़ी में सदमे से हुई दो किसानों की मौत के बाद रविवार को हिसार में एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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गांव बीड़ बबरान में नौ एकड़ फसल चौथे हिस्से पर लेकर करने वाले ओमप्रकाश (50) की उम्मीदों पर बारिश और ओलावृष्टि ने पानी फेर दिया। उधर, बताया जा रहा है कि प्रशासन ने उसे घर खाली करने का भी नोटिस भेजा था, जिससे वह ज्यादा चिंतित था।

मृतक के बेटे मनोज ने पुलिस को बताया कि उसके पिता ने नौ एकड़ जमीन चौथे हिस्से पर ले रखी थी। करीब ढाई एकड़ जमीन में सरसों की फसल खड़ी थी तथा बाकी जमीन पर गेहूं की फसल थी। फसल काफी अच्छी तैयार हुई थी, मार्च माह में हुई बारिश से तो फसल बच गई थी लेकिन अप्रैल के शुरुआत में हुई बारिश से फसल पूरी तरह बिछ गई। इसके चलते पिता काफी परेशान थे।
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वे 2 अप्रैल को घर से बिना बताए कहीं चले गए। काफी तलाश किया मगर नहीं मिले। इसके बाद रामधन फार्म से किसी ठेकेदार ने उसके बारे में घर सूचना दी। उनके पिता का शव रामधन सिंह फार्म को जाने वाले रजवाहे के पास पेड़ पर रस्सी से लटक हुआ मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया।

घर खाली करने का मिला था नोटिस
मनोज ने बताया 15 दिन पहले प्रशासन की ओर से घर खाली करने का नोटिस भी आया था। यह नोटिस इसलिए भेजा गया था कि हिसार जिले से सटे पांच गांवों को प्रशासन ने खाली करने का नोटिस दे रखा है। प्रशासन का कहना है कि यह शहरी क्षेत्र की जमीन है और यहां गांव वालों अवैध कब्जे कर रखे हैं। ओम प्रकाश का घर में भी इन्हीं पांच गांवों में से एक बीड़ बबरान में था।

सब इंस्पेक्टर सुशील, जांच अधिकारी सदर थाना ने बताया कि मृतक के बेटे मनोज ने आत्महत्या का कारण मानसिक परेशानी बताया है। बयान में मकान खाली करने का नोटिस अथवा फसल खराब होने का कोई जिक्र नहीं है। बेटे के बयान दर्ज कर 174 की कार्रवाई कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
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