श्राद्ध के मौके पर नदी में धार्मिक रीति-रिवाज के लिए घग्गर किनारे गए एक ही परिवार के पांच बच्चे शनिवार शाम छह बजे नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। इनमें से दो लड़कियों की डूबने से मौत हो गई, जबकि तीन को एक भाई ने डूबने से बचा लिया।
परिवार के लोग एक बेटी की मौत के बाद श्राद्ध कार्यक्रम के लिए शनि मंदिर के पास नहाने के लिए नदी में उतरे थे। इसी दौरान यह हादसा हुआ। जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचीं। गोताखोरों की टीम रात करीब दस बजे दोनों शवों को काफी मशक्कत के बाद निकाल लिया।
महेशपुर निवासी सुरेश कुमार अपने परिवार के साथ घग्गर के पास स्थित शनि मंदिर के पास श्राद्ध कार्यक्रम के लिए आए थे। परिवार के पांच बच्चे नदी में नहाने के लिए उतरे। इसी दौरान नदी के तेज बहाव की चपेट में सभी आ गए। इनमें से तीन को तो बचा लिया गया लेकिन दो बहनें सिम्नी और नीतू तेज धारा की चपेट में आकर बह गई।
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मौके पर पहुंची एनडीआरएफ की 18 सदस्यीय टीम ने पहले सात वर्षीय लड़की सिम्नी का शव ढूंढ निकाला। लेकिन दूसरे शव की तलाश में एनडीआरएफ की टीम को लगभग रो घंटे मशक्कत करने पड़ी। डूबी दोनों लड़कियों को तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अंधेरा होने के कारण एनडीआरएफ के गोताखोर जवानों को डूबी दोनों बहनों को ढूंढने में खासी परेशानी हुई। एनडीआरएफ के 18 जवानों के पास टॉर्च, लेडर, लाइट, जनरेटर और जेसीबी सहित तमाम उपकरण थे, जिसकी मदद से दोनों शवों को नदी से निकाला गया।
घग्गर नदी में धारा-144 लागू होने के बावजूद ऐसी घटनाओं को रोकने की प्रशासन की तमाम कोशिशें नाकाफी साबित हुईं। कुछ दिनों पहले गणेश विसर्जन के दौरान भी घग्गर में दो लड़कियों को डूबने से परिजनों और गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद बचा लिया था।
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भाई ने तीन को बचाया
मूल रूप से बिहार निवासी सुमन अपने पति सुरेश व पांच बच्चों के साथ घग्गर में अपनी बेटी दुलारी की मौत होने के बाद धार्मिक रिवाज के चलते नहाने के लिए आई थीं। एसएचओ के मुताबिक शाम करीब छह बच्चे सिम्मी, नीतू, तुलसी, काजल और राहुल थे।
स्नान करने के लिए जैसे ही बच्चे पानी में उतरे तेज बहाव में सभी बहने लगे। डूबते देख जैसे ही बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया, उनका भाई सन्नी नदी में कूद गया। उसने तुलसी, काजल और राहुल को तो नदी से बाहर निकाल लिया, लेकिन सिम्मी और नीतू पानी के तेज बहाव के साथ बहती चली गईं।
शवों को मॉर्चरी में रखवाया
सेक्टर 5 थाना के एसएचओ करमवीर सिंह ने बुधवार शाम घग्गर नदी में दो लड़कियों के डूबने की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची। बचाव कार्य में बठिंडा स्थित एनडीआरएफ की 7वीं बटालियन के 18 कर्मी मौके पर पहुंचे। एसएचओ ने बताया कि सिम्मी का पिता श्रमिक है। दोनों शव मॉर्चरी में रखवा दिया गया है।