सेना की खुफिया एजेंसी की मद्द से सीआईए स्टाफ ने सेना में भर्ती कराने का जाली नियुक्ति पत्र देकर पांच-पांच लाख रुपये ठगने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
थाना कैंट पुलिस ने उक्त तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए आरोपियों में से एक व्यक्ति जालंधर में सेना में कार्यरत है, जबकि दूसरा व्यक्ति सेना से निकाला हुआ है और नौ माह जेल काट चुका है। इन आरोपियों का खुलासा जब हुआ जब पांच नौजवान जाली नियुक्ति पत्र लेकर फिरोजपुर सेना भर्ती कार्यालय पहुंचे।
पुलिस के मुताबिक पांच नौजवान जाली नियुक्ति पत्र लेकर फिरोजपुर सेना भर्ती कार्यालय पहुंच गए। अधिकारियों ने पत्र देखा कि ऐसी भर्ती उन्होंने नहीं की है। इस संबंधी सेना की खुफिया एजेंसी को सूचित किया गया। नौजवानों की मद्द से आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया।
नौजवानों ने पुलिस को बताया कि उनसे उक्त आरोपियों ने सेना में भर्ती के नाम पर पांच-पांच लाख रुपये वसूल किए हैं। आरोपी खुद को करनल और मैजर रैंक के बताते हैं। पुलिस ने नौजवानों की निशानदेही पर आरोपी उपकार सिंह वासी जलालाबाद, अरजिंदरपाल सिंह वासी गांव सियाला व जरनैल सिंह वासी दसुआ को काबू कर लिया।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ दौरान जरनैल सिंह ने बताया कि वह जालंधर में सेना में सर्विस करता है। नौजवानों को उसने अपने खुद को करनल बताया था। उसके पास से करनल की मोहरे भी बरामद हुई हैं।
इसी तरह अरजिंदर पाल सिंह फोज से निकाला हुआ है। सेना में गलत काम करने के आरोप में नौ माह की जेल भी काट चुका है। इनके पास से करनल और मैजर रैंक के अधिकारियों की मोहरे भी बरामद हुई हैं।
उक्त आरोपियों ने नौजवानों को सेना में नौकरी दिलवाने के लिए पांच-पांच लाख रुपये वसूल कर जाली नियुक्ति पत्र बनाकर दे थे, जिन पर सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मोहरे लगी थी।