गणपति धाम औद्योगिक क्षेत्र में थर्मोकोल प्लेट बनाने की आड़ में पांच रुपये के नकली सिक्के बनाने वाली फैक्ट्री का सोमवार को भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि यह फैक्ट्री पिछले दो साल से चल रही थी। उससे पहले चार-पांच माह सोनीपत के राई में भी फैक्ट्री को चलाया गया था।
सिक्कों को राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में सप्लाई किया जाता था। सिक्के सप्लाई करने फरीदाबाद गई एक गाड़ी को क्राइम ब्रांच ने रविवार को पकड़ा तो इस गोरखधंधे का खुलासा हुआ। पुलिस ने फैक्ट्री को सील कर दिया है। गणपति धाम औद्योगिक क्षेत्र की गली नंबर-2 में स्थित एक फैक्ट्री में करीब दो साल से सिक्के बनाने का गैरकानूनी धंधा चल रहा था।
दिल्ली निवासी सुभाष ने बहादुरगढ़ के सेक्टर छह निवासी नरेश यादव से भवन किराये पर लिया था। इसमें दिखावे के तौर पर थर्मोकोल की प्लेट बनाने का काम किया जाता था, लेकिन अंदर एक केबिन में पांच रुपये के सिक्के बनाए जाते थे। लोहे की प्लेटों को काटकर डाई से सिक्कों को तैयार किया जाता था। इसके बाद निक्कल पॉलिश किया जाता था।
एक युवती की मदद से सिक्कों को देशभर में होटलों, टोल और उन स्थानों पर सप्लाई किया जाता था, जहां इनका उपयोग ज्यादा होता है। आरोपी इंडियन गवर्नमेंट मिंट नोएडा की पर्ची लगाकर पांच रुपयों के सिक्कों को सप्लाई करते थे, ताकि किसी को शक न हो।
बता दें कि रविवार को फरीदाबाद की सूरजकुंड थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक इनोवा पकड़ी। इससे पांच रुपये के 50 हजार सिक्के (ढाई लाख) मिले थे। इस दौरान एक युवती और तीन व्यक्ति भी पकड़े गए। इनकी पहचान दीपाली, राकेश, नासिर अली और सुभाष के रूप में हुई है। पकड़े गए सुभाष ने फैक्ट्री किराये पर ले रखी थी। दीपाली एजेंट का काम करती थी।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी दो साल से बहादुरगढ़ में नकली सिक्के बनाने का काम कर रहे थे। उससे पहले चार-पांच माह सोनीपत के राई में भी नकली सिक्के बनाते थे।
- संजय कुमार, पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद।