पूर्व में पकड़ी गई फैक्ट्री का दृश्य
- फोटो : फाइल फोटो
क्राइम ब्रांच फरीदाबाद ने गणपति धाम औद्योगिक क्षेत्र में नकली सिक्के बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करने के बाद अगले दिन छापामारी कर सिक्के काटने का कारखाना पकड़ा है। यह कारखाना वार्शल बनाने की आड़ में गांव सांखोल के पास किराये के मकान में चल रहा था और 18 दिन पहले ही यहां शिफ्ट हुआ है। इससे पहले यह फैक्ट्री राई (सोनीपत) औद्योगिक क्षेत्र में चल रही थी।
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने सिक्के कटाई करने के लिए जीआर-2ए में 18 दिन पहले वार्शल बनाने के लिए किराये पर ली थी। आरोपियों ने फैक्ट्री भवन मालिक से वार्शल कटाई के लिए किराये पर लिया था। पता चला है कि जिस दिन सिक्के तैयार करने वाली फैक्ट्री पर छापामारी हुई थी, उसी दिन से इस फैक्ट्री पर भी ताला लगा है।
प्रकाशित खबर की थी वायरल
गणपति धाम औद्योगिक क्षेत्र के व्यापारियों ने सतर्कता बरतते हुए अखबारों में प्रकाशित सिक्के कटाई की फैक्ट्री पकड़ने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल की थी। व्यापारियों ने कहा कि जब उन्हें इस बात की जानकारी हुई तो पुलिस की मदद के लिए समाचार पत्रों में प्रकाशित आरोपियों की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की।
इनोवा कार में ले जाते थे तैयार माल
जीआर-2 में किराये पर ली फैक्ट्री में लोहे की चादर से सिक्के काटने के बाद जीएल-2 वाली फैक्ट्री में ले जाते थे। 200 मीटर की दूरी तक सिक्के के कट्टे इनोवा कार में डालकर ले जाते थे।
आखिर कहां से आई डाई ...?
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए आरोपी बहादुरगढ़ से पहले सोनीपत के राई औद्योगिक क्षेत्र में यह काम करते थे। आरोपियों के अनुसार जब आसपास के लोगों को फैक्ट्री में नकली सिक्के बनाने के काम की भनक लग गई तो वहां काम बंद कर दिया। उसके बाद सारा सामान बहादुरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र में शिफ्ट कर दिया था।
राई में करीब 4-5 महीने काम किया। वहीं दूसरी ओर, नकली सिक्के बनाने की डाई कहां से आई, क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है। सूत्र बताते हैं कि इसमें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त किसी बड़े आदमी का हाथ है।