पंजाब की आठ सेंट्रल जेलों में नशा और मोबाइल फोन की पहुंच को रोकने में जेलों में तैनात मुलाजिम फिलहाल असमर्थ साबित हो रहे हैं। अब जेलों को मोबाइल फोन और नशा मुक्त बनाने के लिए खोजी कुत्तों का सहारा लिया जा रहा है।
इसके लिए सरकार ने आठ विशेष कुत्तों को ट्रेनिंग देने के लिए पंजाब पुलिस अकादमी फिल्लौर में भेजा है। ट्रेनिंग पर भेजे इन कुत्तों में छह लैब्रे और दो जर्मन शेर्फ्ड नस्ल के हैं। इनको छह माह की ट्रेनिंग के बाद इन कुत्तों को सूबे की आठ सेंट्रल जेलों में भेजा जाएगा। वहां ये कुत्ते जेल में आने वाले नशे और मोबाइल फोन को रोकने का काम करेंगे।
मुहिम में अधिकारियों की सहायता करेंगे
इसके साथ ही ये जेलों में चलने वाली नशा और मोबाइल फोन विरोधी मुहिम में अधिकारियों की सहायता करेंगे। इन कुत्तों की देखरेख के लिए हमेशा इनके साथ दो मुलाजिम तैनात रहेंगे।
इन कुत्तों को रविवार लुधियाना सेंट्रल जेल से फिल्लौर स्थित पंजाब पुलिस अकादमी के लिए रवाना किया गया। यह ट्रेनिंग एक जुलाई 2014 से एक फरवरी 2015 तक चलेगी। उसके बाद कुत्ते जेलों में सूंघ कर नशा और मोबाइल फोन के बारे में अधिकारियों को बताएंगे।
प्रशासन ने यह नया कदम उठाया
वहीं जेलों में नशा और मोबाइल फोन की आमद रोकने के लिए जेल प्रशासन ने कई तरह की कोशिशें की हैं, बावजूद इसके इन दोनों चीजों की आमद में कोई फर्क नहीं पड़ा है।
जेलों में बंद कैदियों के पास विभिन्न रास्तों से ये चीजें पहुंच रही हैं। अब जेलों को नशा और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की आमद से मुक्त करने के लिए प्रशासन ने यह नया कदम उठाया है। सूबे की लुधियाना, अमृतसर, बठिंडा, पटियाला, नाभा, गुरदासपुर, फिरोजपुर और जालंधर सेंट्रल जेल में नशे की आपूर्ति रोकने के लिए ही इन कुत्तों की तैनाती की जाएगी।
16 पुलिस मुलाजिम भी भेजे गए
लुधियाना सेंट्रल जेल के जेल सुपरिंटेंडेंट सुरिंदर पाल खन्ना ने रविवार को इन चार फिमेल और चार मेल कुत्तों को सेंट्रल जेल से फिल्लौर के लिए रवाना किया। इनके साथ ही 16 पुलिस मुलाजिम भी भेजे गए हैं।
सभी मुलाजिम ट्रेनिंग के दौरान फिल्लौर पीपीए में इन कुत्तों की देखभाल भी करेंगे। जेल सुपरिंटेंडेंट एसपी खन्ना ने कहा कि इन सारे कुत्तों की उम्र लगभग छह माह है। पिछले एक माह से इनको लुधियाना सेंट्रल जेल में रखा गया था, जिससे आपस में घुल मिल जाएं। खन्ना ने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान इनको हर तरह का नशा सूंघने और उसकी पहचान करने की बारीकियां सिखाई जाएंगी।