जज नोट कांड में अहम आरोपी पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व जस्टिस निर्मल यादव समेत कुल पांच आरोपियों के खिलाफ आज सीबीआई कोर्ट में आरोप तय हो गए हैं। मामले में गवाहियों के लिए 15 फरवरी की तारीख तय की गई है।
13 अगस्त, 2008 को सामने आए इस केस में आरोप तय से बचने के लिए आरोपी पक्ष की तरफ से अभियोग की मंजूरी तक को चुनौती दी जा चुकी है। आरोपियों में यादव के अलावा हरियाणा के पूर्व एडिशनल एडवोकेट जनरल संजीव बंसल, चंडीगढ़ के व्यवसायी राजीव गुप्ता, दिल्ली के होटेलियर रविंद्र भसीन व निर्मल सिंह नामक व्यक्ति शामिल हैं। ट्रायल कोर्ट इससे पहले 31 जुलाई को सभी आरोपियों के खिलाफ आपराधिक धाराओं को मंजूर कर चुका है।
निर्मल यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 11, संजीव बंसल, रविंद्र भसीन, राजीव गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार की धारा 12 व आई.पी.सी. की धारा 120-बी, व संजीव बंसल, राजीव गुप्ता व निर्मल सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 192, 193, 196, 199, 200 व 120-बी की धाराएं केस चलाने के लिए मंजूर की गई थीं।
यह था मामला
दायर मामला 13 अगस्त 2008 का है। पंजाब एंड हरियाण हाईकोर्ट के वकील संजीव बंसल ने अपने मुंशी प्रकाश राम को 15 लाख रुपये देकर जस्टिस निर्मल यादव केघर पहुंचाने केलिए कहा था। मुंशी प्रकाश राम गलती से रुपये लेकर जस्टिस निर्मलजीत कौर के घर पहुंच गया था।
जस्टिस निर्मलजीत कौर के नौकर ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। सेक्टर 11 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर प्रकाश राम,संजीव बंसल और राजीव गुप्त को दबोचा था। मामले में जस्टिस निर्मल यादव का नाम सामने आने पर जांच सीबीआई के पास गई थी।
सीबीआई ने मामले की जांच कर निर्मल यादव पर केस चलाने की काननू मंत्री से परमीशन मांगी थी लेकिन उन्हें नहीं मिली थी। 04 मार्च 2011 को सीबीआई ने राष्ट्रपति से निर्मल यादव पर केस चलाने की परमीशन लेकर 25 पेजों की चार्जशीट सीबीआई अदालत में दायर की थी। चार्जशीट दायर होने पर सीबीआई अदालत ने मामले में जस्टिस निर्मल यादव, संजीव बंसल, राजीव गुप्ता , निर्मल सिंह और रविंदर भसीन को कॉपी सप्लाई की थी।