इसी रिवाल्वर से मारी गई गोली
गुरदीप ने गोली रिवाल्वर से निकालकर वहीं फेंक दी। इसके बाद घर से 50 मीटर दूर जाकर सुनसान जगह पर खुद की कनपटी में गोली मार ली। गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने देखा सुरेंद्र कौर खून से लथपथ फर्श पर पड़ी थी। जबकि घर के बाहर गुरदीप मृत अवस्था में जमीन पर पड़ा था। साथ ही उसकी रिवाल्वर पड़ी थी।
वारदात के समय घर पर नहीं था कोई
बताया जाता है कि वारदात के समय घर पर कोई नहीं था। गुरुदीप और सुरेंद्र कौर के दोनों बेटे और एक बेटी स्कूल गए थे। ग्रामीणों ने तुरंत पटवी पुलिस को सूचना दी। जांच करने पहुंची पुलिस को मौके से दो जिंदा कारतूस और रिवाल्वर मिला है। जानकारी मिलते ही एएसपी चंद्रमोहन और एसपी आस्था मोदी ने भी मौका मुआयना किया।
थाना पंजोखरा के एसएचओ दीपक ने बताया कि फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और सीन ऑफ क्राइम टीम ने मौका मुआयना किया है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अंबाला भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले काफी समय से पति-पत्नी में विवाद चल रहा था। यह मामला महिला सेल में भी चला था। रिश्तेदारों ने बीच-बचाव कर मामला खत्म कर दिया था। ग्रामीण बताते हैं कि उसके बाद सब ठीक चल रहा था। सोमवार को भी दोपहर 12 बजे तक घर में शांति थी।
पुलिस बोली-मानसिक रूप से परेशान रहता था गुरदीप
घटना के बाद पुलिस गुरदीप का मेडिकल रिकॉर्ड इकट्ठा करने में लग गई। पंजोखरा थाने में तैनात जांच अधिकारी टहल सिंह का कहना है कि पटनायक अस्पताल से गुरदीप के कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि वह दिमागी तौर से परेशान था। सवाल यह है कि जब वह बीमार था तो उसे विभाग ने ड्यूटी पर क्यों रखा था। विभाग की तरफ से गुरदीप को रिवाल्वर भी जारी की गई थी।