सेना के इंजीनियरिंग विंग में तैनात फौजी ने बैरक में फंदा लगाकर जान दे दी। मामले का खुलासा तब हुआ जब वो अभ्यास करने नहीं पहुंचा। मामला हरियाणा के हिसार का है।
कैंट में तैनात एक फौजी दिलीप ने सोमवार रात को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह साढ़े चार बजे वह नित्य अभ्यास के लिए नहीं पहुंचा तो साथी उसकी बैरक में गए।
फौजी का शव चादर से पंखे पर लटका मिला। मामले की सूचना मिलने पर कैंट चौकी पुलिस मौके पर पहुंची ओर छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल में लाया गया।
मामले में पुलिस ने साथी सैनिकों के बयान पर धारा 174 के तहत कार्रवाई की है। मूलरूप से केरल निवासी दिलीप (35) पिछले डेढ़ साल से हिसार कैंट में सेना की इंजीनियरिंग विंग में तैनात था। वह कैंट के अंदर बैरक में रहता था। सोमवार रात को वह कुछ परेशान दिखाई दे रहा था।
रात साढ़े 11 बजे तक वह साथी सैनिकों के साथ था। इसके बाद सोने के लिए बैरक में चला गया। कैंट में तैनात फौजी सुबह चार बजे ग्राउंड में नित्य अभ्यास के लिए आते हैं। इंजीनियरिंग विंग के सभी साथी मंगलवार सुबह ग्राउंड पर आ गए, लेकिन दिलीप नहीं पहुंचा।
साथी सैनिकों को उसके बारे में कुछ चिंता हुई तो वे उसके बैरक पर पहुंच गए। दिलीप बेडशीट के जरिए पंखे से लटक रहा था और उसकी मौत हो चुकी थी। सेना के अधिकारियों को सैनिक की मौत की सूचना दी गई तो हड़कंप मच गया। आनन फानन में कई सेना अधिकारी बैरक पहुंचे और वारदात की जानकारी ली।
बाद में सूचना मिलने पर थाना सदर के अंतर्गत आने वाली कैंट चौकी पुलिस भी छावनी पहुंची। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को नीचे उतारा गया। बैरक में गहनता से तलाशी ली गई, लेकिन वहां सुसाइड नोट आदि कुछ नहीं मिला। साथी सैनिक भी यह नहीं बता पाए कि उसने आत्महत्या क्यों की है।
साथियों ने बस इतना ही कहा कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक परेशानी में था। घर जाना चाहता था, लेकिन गया नहीं। पुलिस ने मामले में धारा 174 के तहत कार्रवाई कर मृत सैनिक के शव को उसके साथियों के हवाले कर दिया।
थाना सदर प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि फौजी ने आत्महत्या क्यों की, इस बारे में उसके साथी कुछ नहीं बता पाए। पुलिस छानबीन में लगी है। शव को पोस्टमार्टम के बाद साथियों के सुपुर्द कर दिया गया है।