एक बुजुर्ग को बिजली का खंभाल लगाने से मना करना भारी पड़ गया। मामला इतना बढ़ गया कि बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना हरियाणा के फतेहाबाद के गांव ढांड की है। यहां, एक गली में बिजली का खंभा लगाने से रोकने पर बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना रविवार देर रात की है। पुलिस ने एक ही परिवार के सात लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आत्माराम (56) के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया है। आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पुलिस को दी शिकायत में पुष्कर पुत्र आत्माराम निवासी गांव ढांड ने बताया कि 12 अगस्त को उनकी गली में बिजली लाइन के खंभे लगने थे, जिनके लिए गड्ढे खोदे जा रहे थे। इस दौरान पोल लगाने से रोकने पर उनके पिता आत्माराम व पड़ोसी परिवार के रण सिंह के बीच विवाद हो गया। इसके बाद पड़ोस के लोगों ने विवाद शांत करवाकर सभी को घर भेज दिया। पुष्कर का आरोप है कि रविवार रात करीब साढ़े 8-9 बजे उसके पिता आत्माराम (56) घर के बाहर चारपाई पर बैठकर हुक्का पी रहे थे।
इसी दौरान रण जीत सिंह, राम सिंह, सुभाष, रोहताश, शुभम, मंदीप और बिमला आए। उन्होंने चारपाई पलटकर पिता को नीचे गिरा दिया। इसके बाद पिटाई शुरू कर दी। जब वह बाहर आया तो आरोपी फरार हो गए। वह पिता को अस्पताल लेकर आए, जहां उनकी मौत हो गई। पुष्कर का आरोप है कि उसके पिता दिल के मरीज थे। आरोपियों को इसकी जानकारी थी, फिर भी उन्होंने उनकी पिटाई की।
पुलिस सूत्रों की मानें तो भट्टू पुलिस ने मृतक के परिजनों व ग्रामीणों के दबाव में सात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन शव पर किसी प्रकार के चोट के निशान नहीं मिले हैं। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह बात साफ हो सकेगी कि आत्माराम की मौत पिटाई से हुई है या अन्य कारण से। आरोपियों की पहचान गांव ढांड निवासी रणजीत सिंह, रामसिंह, सुभाष, रोहताश, शुभम, मंदीप व बिमला के रूप में हुई है।
गांव ढांड में बिजली का पोल लगाने की जगह को लेकर विवाद के चलते मारपीट की सूचना आई थी। मौके पर जाकर देखा तो आत्माराम की मौत हो चुकी थी। उसके बेटे पुष्कर की शिकायत पर एक महिला सहित सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- मुकेश बैनीवाल, भट्टूकलां थाना प्रभारी।