उत्तर भारत में अब तक के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी (ऑनलाइन बेटिंग) रैकेट में 600 करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी का मामला सामने आया है।
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने चंडीगढ़ से नेटवर्क को संचालित कर रहे एक आरोपी रिंकू को हिरासत में ले लिया है। दिल्ली ईडी ने रिंकू के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू कर दी है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की शुरुआत आयकर चंडीगढ़ की जांच से हुई थी जिसने ऑनलाइन बेटिंग के एक बड़े नेटवर्क का पता लगाया। यह नेटवर्क दुबई और जॉर्जिया से संचालित हो रहा था। जांच के बाद, मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी ने इसकी कमान संभाल ली है। ईडी जांच कर रही है कि 600 करोड़ की टैक्स चोरी किस तरह से मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए की गई। रिंकू के अलावा, शहर के कुछ नामी बुकी भी ईडी के रडार पर हैं। इनमें सेक्टर-45 के गुलशन और संजय का नाम भी सामने आया है।
गृह मंत्रालय ने चंडीगढ़ पुलिस के डीजीपी को लिखा पत्र
जांच में चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के कुछ पुलिस अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं जो इस रैकेट से जुड़े हो सकते हैं। इस खुलासे के बाद गृह मंत्रालय ने चंडीगढ़ पुलिस के डीजपी को पत्र लिखकर इन आरोपी अधिकारियों के खिलाफ जांच करने का निर्देश दिया है। आयकर विभाग भी इस मामले में कार्रवाई जारी है।
विभाग चंडीगढ़ के सेक्टर-33 स्थित कोठी नंबर-319 और सेक्टर-44 स्थित कोठी नंबर-1014 को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। ये संपत्तियां ऑनलाइन सट्टेबाजी से अर्जित की गई थीं। इस बीच, दुबई और जॉर्जिया में बैठे रैकेट के असली सरगना नए सॉफ्टवेयर और एप के जरिए अपना नेटवर्क फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन जांच एजेंसियां उन पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। इस मामले में आगे और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।