करोड़ों की ड्रग तस्करी से जुड़े एक केस की वीरवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस मामले में पंजाब पुलिस से बर्खास्त डीएसपी व अर्जुन अवार्डी जगदीश भोला समेत छह पर आरोप तय किए गए। जबकि अदालत ने एनआरआई अनूप काहलों समेत आठ लोगों को केस से बाहर कर दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 25 जनवरी निश्चित की है।
वीरवार को कड़ी सुरक्षा में सभी आरोपियों को सीबीआई की अदालत में पेश किया गया। इस दौरान पटियाला स्थित अर्बन स्टेट में 2013 दर्ज हुई एफआईआर नंबर 50 पर सुनवाई हुई। इसके पहले चरण में दिलबाग सिंह बग्गा व मुकेश कुमार बौबी पर एनडीपीएस की धारा 22/61/85 के तहत जबकि जगदीश भोला, पलविंद्र सिंह पिंदा, राजिंद्र सिंह व गुरदीप सिंह मनचंदा के खिलाफ 29/61/85 के तहत आरोप तय किए गए। जबकि छह लोगों को बाहर कर दिया गया।
इनमें अनूप सिंह काहलों उर्फ रूबी, सतिंद्र सिंह धामा, कुलबीर सिंह, अजय जैन, सबजीत सिंह साभा, वरिंद्र सिंह राजा, दविंद्र सिंह देव, तलविंद्र सिंह कैली को केस से बाहर कर दिया गया है। इनके अलावा जिन आरोपियों पर अदालत ने आरोप तय किए हैं, उनमें जगदीश सिंह भोला, राजिंद्र सिंह मिंटू, दिलबाग सिंह बग्गा, पलविंद्र सिंह पिंदा, गुरदीप सिंह मनचंदा, मुकेश कुमार बौबी के खिलाफ चार्ज फ्रेम कर दिए हैं। केस की जांच के लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा एसआईटी बनाई गई थी। उसकी जांच में उक्त आठ आरोपियों को बेगुनाह पाया गया था। आरोपी जगदीश भोला और गुरदीप सिंह मनचंदा की ओर से केस की पैरवी एडवोकेट हरीश आहूजा कर रहे हैं।