तीन नाइजीरियन ड्रग तस्कर गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच ने 22 जुलाई 2025 को नाइजीरियाई नागरिक इमोरू डेमियन को 62.60 ग्राम आईस के साथ गिरफ्तार किया। इमोरू पंजाब के खन्ना माजरा स्थित जीटीपीएल कांप्लेक्स में रह रहा था। इमोरू से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गिरोह के दो अन्य विदेशी साथियों को भी दबोचा। इनमें ओकोए न्नामदी को दिल्ली से उसकी होंडा अकॉर्ड कार के साथ पकड़ा गया। उसके कब्जे से 35.80 ग्राम कोकीन और 5.73 ग्राम आईस बरामद हुई। तीसरे आरोपी टूफे यूसुफ को खरड़ के अंबिका एनक्लेव से गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से 34.85 ग्राम कोकीन मिली। आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी है।
बीएमडब्ल्यू में ड्रग्स तस्करी करते युवती और युवक पकड़े गए
19 जुलाई 2025 को एक अन्य मामले में एएसआई भूपिंदर सिंह और उनकी टीम को गश्त के दौरान एक संदेहास्पद बीएमडब्ल्यू कार दिखी। जब कार सवारों ने रुकने का इशारा करने पर भी दरवाजा नहीं खोला तो पुलिस ने शीशा तोड़कर उन्हें काबू किया। कार में सेक्टर-45 निवासी 31 साल के शिवा ठाकुर और फतेहगढ़ साहिब निवासी 29 साल की जैसल बैंस सवार थे। तलाशी लेने पर दोनों के कब्जे से 50.88 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
पूर्व सजायाफ्ता तस्कर, जेल से छूटते ही फिर शुरू किया धंधा
आरोपी शिवा ठाकुर का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह एनडीपीएस के दो मामलों में पहले ही सजा काट चुका है। उसके खिलाफ इससे पहले एनडीपीएस के तीन मामले दर्ज थे, जिनमें उसे एक मामले में 15 साल और दूसरे में 10 साल की सजा हुई थी। लगभग साढ़े पांच साल जेल में बिताने के बाद शिवा ने बाहर आते ही फिर से ड्रग्स तस्करी का धंधा शुरू कर दिया। इस बार उसकी महिला मित्र जैसल बैंस भी इसमें शामिल थी। पुलिस के अनुसार, जैसल और शिवा 11वीं कक्षा से दोस्त हैं और युवती जेल में भी शिवा से मिलने जाती थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी बीएमडब्ल्यू कार में ड्रग्स सप्लाई करते थे। इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह ने बताया कि सभी आरोपी ड्रग्स बेचने का काम करते थे। हालांकि, इन दोनों में से कोई भी ड्रग्स का आदी नहीं है।