फिरोजपुर के घल्लखुर्द के पास शनिवार की शाम फायरिंग कर पुलिस कस्टडी से कुख्यात तस्कर हरभजन सिंह को छुड़वाकर ले जाने वाले आरोपियों की लोकेशन अमृतसर की तरफ मिली है। इससे खुफिया एजेंसियों को आशंका है कि हरभजन पाक भाग चुका है। हरभजन को पाक तस्करों के इशारे पर ही पुलिस से छुड़वाया गया था, इसके लिए कई दिनों से हरभजन को जेल से छुड़वाने की योजना चल रही थी, इसीलिए उसे फिरोजपुर जेल से नाभा जेल शिफ्ट किया था। हरभजन पर कथित तौर पर पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने की बात भी कही जा रही है।
खुफिया सूत्रों के मुताबिक घल्लखुर्द के पास से जब दो अज्ञात व्यक्ति पुलिस कस्टडी से हरभजन को छुड़वाकर ले गए थे, उस समय उनकी तलाश शुरू की गई थी। इस पर उनकी लोकेशन अमृतसर की तरफ देखी गई थी, उसके बाद लोकेशन गायब हो गई। इसी से अंदाजा लगाया जा रहा है कि हरभजन पाक भाग चुका है, क्योंकि उसके पाक में बड़े से बड़े तस्करों से गहरे संबंध हैं। एक खुफिया एजेंसी ने पुलिस को हरभजन संबंधी जानकारी दी थी कि वह पाक की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए भी काम कर रहा है, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया था।
हेरोइन तस्करी के आरोप में तस्कर हरभजन सिंह का भाई जोगिंदर सिंह उर्फ जीता उर्फ शम्मी, सोनू, मां कौशल्या, पिता लाल सिंह व बहन विभिन्न जेलों में बंद हैं। इन सभी के पाकिस्तानी तस्करों के साथ गहरे संबंध हैं, पाक तस्कर इन्हें पचास से साठ किलो हेरोइन की खेप एक साथ भेज देते थे। पूरे पंजाब के अलावा अन्य प्रदेशों में हेरोइन व असलहा गैंगस्टरों व अन्य अपराधियों को सप्लाई करते थे।
कुछ माह पूर्व गांव निहाले वाला से हरभजन के भाई सोनू को फिरोजपुर पुलिस ने पकड़ा था, उस समय जीता भागने में कामयाब हो गया था। पुलिस को सोनू से हेरोइन व 44 लाख रुपये मिले थे। इसी तरह एक अक्तूबर 2017 को एसटीएफ ने तरनतारन के पट्टी इलाके से जीता को मुठभेड़ के बाद काबू किया था। जीता के पास से 34 लाख रुपये, हेरोइन व पिस्टल मिली थी। पूरा परिवार हेरोइन तस्करी में लगा है। इनकी हवेली सीमांत गांव निहाले वाला के पास सतलुज दरिया के किनारे और कंटीली तार से पास बनी है।