नशे का कारोबार खुलेआम किस तरह किया जाता है, इस मामले से अंदाजा हो जाएगा। एक व्यक्ति साइकिल पर ड्रग्स लादकर ले जा रहा था। पुलिस ने रास्ते में रोककर पूछताछ की तो वह घबरा गया। बोरी खोलकर देखा तो उसमें से ढाई लाख कीमत की प्रतिबंधित दवाएं निकली। पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पंचकूला और ट्राइसिटी में नशीली दवाओं की बिक्री कर रहा था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी कॉलोनियों में रहनेवाले युवाओं को प्रतिबंधित दवाएं बेचता था। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 1.58 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
आरोपी से बरामद दवाओं की कीमत दो से ढाई लाख के बीच आंकी जा रही है। आरोपी की पहचान ओम प्रकाश के तौर पर हुई है, जो मूल रूप से यूपी के बलिया के गौरीगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला है। फिलहाल वह चंडीगढ़ सेक्टर-56 में रह रहा था।
पुलिस, ड्रग कंट्रोलर की टीम ने पकड़ा
सेक्टर-16 चौकी के इंचार्ज नायब सिंह ने बताया कि इस मामले की छानबीन की जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान एएसआई राजकुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी और ड्रग्स कंट्रोलर की टीम ने बरामद दवाओं की जांच की, जिसमें सभी दवाएं प्रतिबंधित होने की पुष्टि हुई।
जांच में सभी दवाएं प्रतिबंधित निकलीं
साइकिल पर कट्टे में रखी गई दवाओं की जांच की तो मालूम हुआ कि सभी दवाएं प्रतिबंधित हैं, जो शहर की कॉलोनियों में ऊंची कीमत पर नशे के आदी युवकों को बेची जाती थीं।
एनडीपीएस, ड्रग एक्ट में केस दर्ज
नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली प्रतिबंधित दवाओं (ड्रग्स) की अवैध तौर पर बिक्री करने वाले आरोपी के खिलाफ पुलिस ने एनडीपीएस और ड्रग एक्ट की अलग अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
आरोपी से नारकोटिक्स ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक ड्रग्स की बरामदगी की गई है। इसके अलावा उसके कब्जे से गर्भपात में इस्तेमाल होने वाले किट भी बरामद हुए हैं। मामले की जांच में जुटी पुलिस आरोपी के नेटवर्क को खंगाल रही है जो ट्राइसिटी के यंगस्टर्स को नशे की दवाओं की लत लगाने के बाद लाखों की प्रतिबंधित दवाएं बेचने का काम कर रहा था। इस बात की भी छानबीन की जा रही है कि आरोपी दवाओं की बिक्री कहां करता था और किटों को कहां बेचा जा रहा था।
- नरेंद्र आहूजा विवेक, असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर, पंचकूला